हवाई सेवाओं में अव्यवस्था, एकाधिकार और यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर तत्काल हस्तक्षेप करे सरकार: कुमारी सैलजा
ऐलनाबाद, सिरसा, 08 दिसंबर (डॉ. एम.पी. भार्गव)अखिल भारतीय कांग्रेस की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने देश में बढ़ती हवाई यात्रा अव्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एयरलाइंस कंपनियों द्वारा लगातार उड़ानें रद्द करने से यात्रियों को भारी परेशानियों और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डीजीसीए एवं संबंधित नियामक संस्थाएं समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं कर पा रही हैं, जिससे यह समस्या और गंभीर रूप धारण कर चुकी है। केंद्र सरकार को यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
सांसद ने कहा कि हवाई सेवाओं में एकाधिकार की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा दुष्प्रभाव आम नागरिकों को झेलना पड़ रहा है। फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को न तो उचित मुआवज़ा दिया जाता है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। यह स्थिति किसी भी दृष्टि से उचित और स्वीकार्य नहीं कही जा सकती।
कुमारी सैलजा ने कहा कि एयरलाइंस की प्राथमिक ज़िम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है, किंतु जब कंपनियां इससे पीछे हटती हैं तो सरकार की जवाबदेही और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि एयरलाइंस पर निगरानी बढ़ाई जाए, अचानक उड़ान रोकने पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा यात्रियों को राहत देने के प्रभावी नियम लागू किए जाएं।
सांसद ने कहा कि देश की जनता का हवाई सेवाओं पर विश्वास बनाए रखने के लिए सरकार को त्वरित, पारदर्शी एवं सख्त कदम उठाने होंगे।
किसानों को पानी उपलब्ध कराने का वादा पूरा नहीं: सैलजा
सांसद कुमारी सैलजा ने सिरसा जिले के कई गांवों में सिंचाई जल संकट को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद किसानों को समय पर पानी उपलब्ध नहीं कराया, जिसके कारण किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि चौटाला सहित कई गांवों में पानी की आपूर्ति ठप होने से किसानों की आर्थिक स्थिति और भी खराब होती जा रही है। यह विषय वह पहले भी लोकसभा में उठा चुकी हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
सांसद सैलजा ने चेतावनी दी कि किसानों की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि सरकार ने तत्काल समाधान नहीं किया, तो उभरते जनाक्रोश के लिए वही जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
