रामपुर जिला अस्पताल की बदहाल सड़क ने खोली गड्ढा मुक्त अभियान की पोल, मंत्री-अधिकारी भी रहते हैं खामोश
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
रामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गड्ढा मुक्त सड़क अभियान के दावों के बीच रामपुर जिला अस्पताल की जर्जर सड़क व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अस्पताल परिसर के बीच से गुजरने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से उखड़ी हुई है, लेकिन इसकी मरम्मत की ओर अब तक किसी भी जिम्मेदार विभाग ने ध्यान नहीं दिया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस सड़क की खराब स्थिति से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही मार्ग पोस्टमार्टम हाउस तक जाता है, जहां सुबह से देर रात तक शव वाहन, एंबुलेंस और अन्य वाहनों का लगातार आवागमन बना रहता है।

हैरानी की बात यह है कि इसी रास्ते से मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन सड़क की बदहाली के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका और अस्पताल प्रशासन सभी इस समस्या को लेकर मौन बने हुए हैं।
आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सक्सेना सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने भी सड़क की मरम्मत के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की है।
सड़क की खराब स्थिति के साथ-साथ वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का भी अभाव है। पोस्टमार्टम हाउस के आसपास रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि मरीजों, तीमारदारों और आम लोगों को राहत मिल सके।
