सीकरी खुर्द में आत्मघाती बंदर का आतंक, रोजाना कई लोग घायल — प्रशासन बेबस, ग्रामीण खुद निकले पकड़ने
प्रशासन हुआ फेल, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
मोदीनगर। गांव सीकरी खुर्द और आसपास की कॉलोनियों में एक आत्मघाती बंदर का आतंक लगातार जारी है। यह बंदर रोजाना दो से तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहा है। आज सुबह भी स्कूल जा रहे एक बच्चे पर बंदर ने हमला करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता से बच्चा बाल-बाल बच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हो गए और पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. बबली गुर्जर के नेतृत्व में गांव और कॉलोनियों में बंदर की तलाश शुरू की गई, लेकिन बंदर पकड़ में नहीं आया।
डॉ. बबली गुर्जर ने बताया कि प्रशासन को कई बार इस खतरे की सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बंदर के हमलों में कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज दिल्ली और मेरठ के अस्पतालों में चल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर कल तक बंदर नहीं पकड़ा गया, तो वे सामूहिक रूप से तहसील का घेराव करेंगे।
आज की तलाशी अभियान में डॉ. बबली गुर्जर के साथ नीरज प्रजापति, मोनू प्रधान, राज वर्मा, एमपी सिंह, धनवीर चंदेला, मांगेराम सेन, धर्मपाल गिरी, रणवीर गुर्जर, बलबीर चंदेला, हेमी गुर्जर, रमेश और सोनू गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
