रामपुर। आम आदमी पार्टी के नेता मोहम्मद ज़फ़र ने नगर पालिका परिषद रामपुर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर नगर पालिका में हो रही अनियमितताओं और लापरवाहियों की जानकारी दी।
ज़फ़र ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के अधिकारी, बाबू, इंस्पेक्टर, वर्कशॉप इंचार्ज और कर्मचारी जनप्रतिनिधियों व आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं करते। शिकायत दर्ज कराने वालों को धक्के देकर बाहर निकाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बार-बार समय लेने के बावजूद अधिकारी मिलने को तैयार नहीं होते।
उन्होंने नगर की जर्जर हालत का भी उल्लेख किया। सड़कों के टूटे होने, पानी की लाइनों के लगातार लीक रहने, सीवर लाइन के जाम होने और बरसात में गड्ढों में पानी भरने से जनता परेशान है। शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लेकिन नालियों में एंटी-लार्वा छिड़काव और वार्डों में फॉगिंग नहीं हो रही। नैनीताल हाईवे पर धूल-मिट्टी जमा है और चीफ नगर पालिका अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे।
ज़फ़र ने कहा कि पानी की टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर कब डाला गया, इसकी जानकारी तक उपलब्ध नहीं है। हाउस टैक्स और वाटर टैक्स के नाम पर जनता से वसूली की जा रही है और नोटिसों में हेरफेर किया जा रहा है। नगर पालिका द्वारा लगाई गई सड़क लाइटें कुछ ही दिनों में खराब हो जाती हैं और जब इनके बिल का विवरण मांगा जाता है तो अधिकारी जवाब देने से बचते हैं।
उन्होंने कहा कि यह आचरण न केवल नागरिकों की मूलभूत सेवाओं को प्रभावित कर रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916, लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं का भी उल्लंघन है।
मोहम्मद ज़फ़र ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं बदला और व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो इन धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई कोर्ट के माध्यम से शुरू की जाएगी।
