राम मंदिर दान पात्र मामला: जांच तेज करने अयोध्या पहुंची एसआईटी, संतों और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रियाएं
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं एवं धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) अयोध्या पहुंच गया है। इस बीच, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जिला मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की।
संत महाराज भक्तचरण दास ने कहा कि श्रीराम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे का मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और यदि किसी भी स्तर पर धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में किसी को भी बख्शेंगे नहीं।
वहीं, ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें भी इस मामले से जुड़ी जानकारियां मिली हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्परता दिखाते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस विषय को अफवाहों के बजाय तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
दूसरी ओर, प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि सरकार अपना काम कर रही है और जांच समिति पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर समस्या का समाधान निकालने में सक्षम हैं।
हालांकि, कांग्रेस ने एसआईटी गठन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब तक कई एसआईटी गठित कर चुकी है, लेकिन उनमें से कितने मामलों में दोषियों को सजा मिली, इसका भी आकलन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार एसआईटी का इस्तेमाल सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने के लिए किए जाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
फिलहाल, पूरे मामले पर सभी की नजरें एसआईटी जांच पर टिकी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है या नहीं।
