रामपुर। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में नेशनल डिजिटल पशुधन मिशन एवं गौ-आश्रय स्थलों की अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संचालित गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए तथा निराश्रित गौवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि गौवंशों के संरक्षण, देखभाल और समुचित प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
पुलिस अधीक्षक ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति गौवंश को निराश्रित छोड़ता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि अब सभी पशुओं का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए पंचायत, ब्लॉक, नगर निकाय और जनपद स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर नामित नोडल अधिकारी प्रत्येक पशु का पंजीकरण सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के बाद पशुओं से संबंधित सभी जानकारियां जैसे टीकाकरण, उपचार, स्थानांतरण, मृत्यु या बीमारी की सूचना ऑनलाइन अपडेट की जाएगी, जिससे पशुधन प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
बैठक में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया गया और सभी विभागों को शासनादेश के अनुरूप अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
अंत में पशुपालकों से अपील की गई कि वे अपने गौवंश को निराश्रित न छोड़ें और ग्रामीण क्षेत्रों में गोष्ठियों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाएं। साथ ही विद्यालयों में बच्चों को पशुओं के प्रति संवेदनशील बनाने पर भी जोर दिया गया।
