रामपुर में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि बिजली अधिकारी और कर्मचारी प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शहर के कई इलाकों में पिछले 14 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है, लेकिन शिकायतों के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
बताया जा रहा है कि रामपुर शहर के बिजली घर के जेई द्वारा उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उपभोक्ता लगातार बिजली घर और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि पोस्टपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाएगी, इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं की लाइन काट दी गई है, जिससे लोगों में आक्रोश है। लाइव मीडिया रिपोर्टिंग के दौरान भी एक ही समय में कई शिकायतें सामने आईं, जो विभागीय लापरवाही को उजागर करती हैं।
नाहिद बिजली घर पर भी कर्मचारियों पर काम में लापरवाही और जनता को टालने के आरोप लग रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी खामोश हैं और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।
अब सवाल उठता है कि क्या ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ऐसे लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे या फिर जनता को यूं ही परेशान होना पड़ेगा।
