पुलिस अधीक्षक, रामपुर के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक, एवं क्षेत्राधिकारी शाहबाद सहायक नोडल अधिकारी, आरटीसी रिजर्व पुलिस लाइन, द्वारा मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन, रामपुर से मोरी गेट तक “रन फॉर एम्पावरमेंट” रैली* का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक, द्वारा हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया गया। इस कार्यक्रम में आरटीसी रिजर्व पुलिस लाइन, रामपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 600 महिला आरक्षियों द्वारा उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया गया एवं महिला आरक्षी निधि चौधरी द्वारा थाना कोतवाली, रामपुर की पीआरवी 1394 का संचालन कर सभी को यह संदेश दिया कि महिलाएं न केवल समाज की सुरक्षा में समान रूप से सक्षम हैं, बल्कि वे प्रत्येक जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं कौशल के साथ कर सकती हैं इस अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जनमानस को जागरूक करने हेतु प्रेरणादायी संदेश दिया। मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को हर स्तर पर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। रामपुर पुलिस इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है, ताकि समाज में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।
“रन फॉर एम्पावरमेंट” का मुख्य उद्देश्य भी समाज में नारी शक्ति को जागरूक करना तथा शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इस कार्यक्रम के दौरान महिला प्रशिक्षु 223 मनु एवं महिला प्रशिक्षु 259 अनामिका मिश्रा द्वारा बहुत ही सुन्दर कुछ लाइने प्रस्तुत की गई जो क्रमशः इस प्रकार है-
1.
मै भी छू सकती हूँ आकाश, अवसर की है मुझे तलाश ।
अवसर नारी को दिलाना है, मिशन शक्ति को सफल बनाना है ।
मिशन शक्ति के निर्धारित लक्ष्य, महिलाएं हो सुरक्षित सशक्त।
नारी सृजनहार है, बराबरी की हकदार है।
हौंसलो से उड़ान भरती है नारी, हर मुश्किल से लड़ती है नारी।
अबला नही है बिल्कुल नारी, संघर्ष रहेंगे हमारे जारी।
शक्तिकरण की दौड़ है मिशन शक्ति पर जोर है।
2.
नवयुग की रौद्र किरणे, जब निकल कर आती है ।
तभी स्त्री एक तेज बनकर दुनिया का अंधकार मिटाती है ।
श्वेत गगन में बिजली बनकर सिंह दहाड़ उठाती है ।
नदियो से बहते झरने में कल-कल शोर मचाती है ।
नवयुग की रौद्र,
उठ खड़ी तलवार बनकर दुश्मन को मार गिराती है ।
सरहद की रक्षा कर अपने भारत का मान बढ़ाती है ।
नवयुग की रौद्र,
आज प्रतिस्पर्धा के युग में पुरूषो से कदम मिलाती है ।
तिरंगे का गौरव बनकर एक परचम सा लहराती है।
नवयुग की रौद्र,
नारी होकर नारी का सम्मान बचाती है।
खुद, खुदा से दुआओ में अपने को मांग कर लाती है ।
नवयुग की रौद्र,
