Rampur: राहुल गांधी पर मुख्तार अब्बास नकवी का हमला, बोले- विपक्ष के लिए ‘असेट’ नहीं ‘लायबिलिटी’ बनती जा रही सियासत
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खान
Rampur: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रामपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए नकवी ने कहा कि विपक्ष के नेता की “खुड़पैची सनक और खुराफाती सियासत अब विपक्ष के लिए ताकत के बजाय आफत और ‘असेट’ के बजाय ‘लायबिलिटी’ बनती जा रही है।
नकवी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी “बवंडर का धुरंधर और बखेड़े का सिकंदर” बनने की सनक में “डींगबाजी के डेली डोज की डिस्पेंसरी” बन गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी विपक्ष के बचे-खुचे जनाधार को भी नुकसान पहुंचा रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रति धोखेबाजी का इतिहास रहा है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह, इंद्र कुमार गुजराल, एचडी देवगौड़ा और चंद्रशेखर समेत कई पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये नेता कांग्रेस के विश्वासघात का शिकार रहे हैं।
नकवी ने कहा कि कांग्रेस की “खुन्नसी और खुराफाती
सियासत” की विरासत अब उसके साथ खड़े सहयोगी दलों के लिए भी नुकसानदेह साबित हो रही है। उन्होंने विपक्षी दलों को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें समझना होगा कि “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।
सपा-कांग्रेस पर भी साधा निशाना
नकवी ने कहा कि छात्रों, नौजवानों, किसानों, अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों के मुद्दों को लेकर विपक्ष भय और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि काल्पनिक साजिशों के नाम पर देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बार-बार एक ही तरह की राजनीति करने से जनता प्रभावित नहीं होगी। नकवी के मुताबिक, इस बार के चुनावी रण में जनता सपा-कांग्रेस को जवाब देगी। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कभी जनादेश पर बवाल तो कभी जनगणना पर सवाल, इसी तरह की “बवाल-सवाल” वाली राजनीति ने विपक्ष की विश्वसनीयता को कमजोर किया है।
अपराधियों पर भी बोले नकवी
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर नकवी ने कहा कि प्रदेश को ऐसी सरकार चाहिए जो बलवाइयों, बाहुबलियों और अपराधियों पर कार्रवाई करे, न कि उन्हें निडर बनाए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी होनी चाहिए जो अपराधियों और अराजक तत्वों को कानून की हिरासत में रखे, न कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण दे।
उन्होंने मोदी-योगी सरकार को समाज की “समृद्धि, सुरक्षा और सौहार्द” की गारंटी बताया। मनुस्मृति विवाद पर विपक्ष को घेरा मनुस्मृति और अस्पृश्यता को लेकर नकवी ने कहा कि इसके नाम पर काल्पनिक भय और भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र और सरकारों का धर्मग्रंथ संविधान है। देश संविधान से चलता है, जबकि विभिन्न धर्मों के धर्मग्रंथ धार्मिक आस्था और मार्गदर्शन का विषय हैं।
भारत में पंथनिरपेक्षता कोई राजनीतिक मजबूरी नहीं बल्कि संवैधानिक प्रतिबद्धता है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में किसी भी धर्म का नागरिक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या किसी उच्च संवैधानिक पद पर पहुंच सकता है।
17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मोदी की जन्मभूमि वडनगर और कर्मभूमि वाराणसी से समानांतर यात्राएं निकाली जाएंगी, जो एक महीने तक चलेंगी।
उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन, 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 17 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के लोक सेवक के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष सेवा एवं जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नकवी के मुताबिक, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के दौरान सुशासन और समावेशी सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा।
