रामपुर: भारतीय किसान यूनियन टिकैत की मासिक पंचायत संपन्न, किसानों की समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा

रामपुर। आज, 21 सितंबर 2024 को भारतीय किसान यूनियन टिकैत की मासिक पंचायत अंबेडकर पार्क में आयोजित की गई। पंचायत में जिले भर के किसान अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता सरदार प्यार सिंह ने की, जबकि जिला अध्यक्ष सरदार जगजीत सिंह गिल ने इसका नेतृत्व किया। संचालन नईम प्रधान ने किया।

किसानों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को लेकर रामपुर के एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आगामी 6 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों को पहुंचने की अपील की गई। प्रमुख मुद्दों में निम्नलिखित शामिल रहे:

लेखपालों की मनमानी: जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों पर मनमानी करने और किसानों का शोषण करने के आरोप लगाए गए। विशेष रूप से शाहाबाद के दो लेखपाल, राजकुमार शर्मा और राजकुमार सागर, पर किसानों ने लंबे समय से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

धान क्रय केंद्रों पर सुधार: किसानों ने मांग की कि धान के क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और सत्यापन प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा रोका जाए ताकि किसानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

फसल नुकसान का मुआवजा: जिले में हुई भारी बारिश से धान की फसल को हुए नुकसान का जल्द आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई।

सड़कों की मरम्मत: बारिश के कारण जिले की सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। सड़कों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे आवागमन असुरक्षित हो गया है और दुर्घटनाएं हो रही हैं। किसानों ने सड़कों की मरम्मत की मांग की।

बिजली व्यवस्था में सुधार: जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति खराब है। रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है, और बिजली की लाइनों व पोलों की स्थिति भी जर्जर हो चुकी है। इन्हें तुरंत ठीक कराने की मांग की गई।

पंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन टिकैत अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इस पंचायत में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिनमें वीरेंद्र सिंह यादव, होरीलाल लोधी, रंजीत यादव, दिनेश दिवाकर, खुशीराम यादव, रामदास मोरिया, बहादुर यादव, सचिन पांडे, सुरजीत सिंह, मुराद अली खान, और अन्य प्रमुख किसान मौजूद थे।

 

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