रामपुर के ज्वाला नगर में नाला निर्माण पर उठे सवाल, कांग्रेस ने डीएम से मांगी उच्चस्तरीय जांच

Rampur. ज्वाला नगर क्षेत्र में नाला निर्माण को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रामपुर ने गंभीर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस ने नाला निर्माण के कारण जलभराव, सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग, पार्क की भूमि और सार्वजनिक संरचनाओं को नुकसान पहुंचने सहित कई बिंदुओं पर जांच की मांग उठाई है।

कांग्रेस का आरोप है कि ज्वाला नगर, श्रमिक बस्ती, रफत कॉलोनी, कृष्णा विहार, मायादेवी धर्मशाला के पीछे स्थित आवासीय क्षेत्रों और आसपास की कॉलोनियों में नाला निर्माण के बाद जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। पार्टी का कहना है कि हल्की बारिश में भी कई स्थानों पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों के घरों में सीलन और संपत्ति को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

नाले की ऊंची दीवारों से जल निकासी प्रभावित होने का आरोप

जिला कांग्रेस कमेटी के मुताबिक श्रमिक बस्ती में ब्लॉक संख्या-2 से ब्लॉक संख्या-14 तक और आगापुर रोड के दोनों ओर नाले की दीवारों का निर्माण कराया गया है। कांग्रेस का दावा है कि दीवारों को वर्तमान भूतल से करीब एक फीट ऊंचा किए जाने से प्राकृतिक जल प्रवाह और वर्षा जल निकासी प्रभावित हुई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि श्रमिक बस्ती, मायादेवी धर्मशाला के पीछे और रफत कॉलोनी की नालियों का पानी मुख्य नालों में सुचारु रूप से नहीं निकल पा रहा है, जिसके चलते क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन रही है।

पहले से बने नाले के पास नए निर्माण पर सवाल

कांग्रेस ने करीब चार वर्ष पहले आगापुर रोड पर लोहिया पार्क की ओर बनाए गए नाले का हवाला देते हुए कहा कि पहले से मौजूद नाला जल निकासी के लिए काम कर रहा था। इसके बावजूद उसके समीप नया नाला बनाए जाने की तकनीकी आवश्यकता और प्रशासनिक औचित्य की जांच की जानी चाहिए।

पार्टी ने नए निर्माण पर खर्च होने वाले सार्वजनिक धन की भी जांच की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि निर्माण की स्वीकृत डीपीआर, तकनीकी ड्राइंग, डिजाइन, एस्टीमेट, कार्यादेश, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान विवरण और गुणवत्ता परीक्षण से जुड़े अभिलेखों की जांच होनी चाहिए।

लोहिया पार्क की दीवार और भूमि को लेकर भी जांच की मांग

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि करीब चार वर्ष पहले नाला निर्माण के दौरान लोहिया पार्क की दीवार तोड़ी गई थी और बाद में नई दीवार बनाई गई। कांग्रेस के अनुसार अब नए नाले के निर्माण के लिए फिर से पार्क की दीवार तोड़ी गई है।

पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि पार्क की भूमि में नाला निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति और स्वीकृति ली गई है या नहीं। इस मामले में अभिलेखों की जांच की मांग की गई है।

पानी की टंकी की संरचनात्मक सुरक्षा पर उठे सवाल

कांग्रेस ने निर्माण के दौरान पानी की टंकी की दीवार तोड़े जाने और नाले को टंकी के नीचे से निकाले जाने का भी आरोप लगाया है। पार्टी ने मांग की है कि विशेषज्ञों की मदद से पानी की टंकी की संरचनात्मक सुरक्षा, नींव और भार वहन क्षमता की तत्काल जांच कराई जाए।

इसके अलावा यह भी जांच करने की मांग की गई है कि निर्माण के लिए तकनीकी डिजाइन और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति प्राप्त थी या नहीं।

घटिया निर्माण सामग्री के आरोप की भी जांच हो

ज्ञापन में नाले की तली, दीवारों और आधार निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप सामग्री इस्तेमाल किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने किसी स्वतंत्र एवं सक्षम तकनीकी संस्था से निर्माण की गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है।

पार्टी के मुताबिक आसपास के कृष्णा विहार और श्रमिक बस्ती के मकानों में नमी एवं सीलन की समस्या सामने आ रही है। कांग्रेस ने इसकी वजह भी तकनीकी जांच के दायरे में लाने की मांग की है।

जलभराव को जनस्वास्थ्य से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने कहा कि लंबे समय तक सड़कों और गलियों में पानी जमा रहने से गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ रहा है। पार्टी ने जलभराव वाले इलाकों में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने, गंदा पानी और कचरा हटाने तथा फॉगिंग और आवश्यक कीटनाशक एवं लार्वानाशक का छिड़काव कराने की मांग की है।

इसके साथ ही प्रभावित श्रमिक और गरीब बस्तियों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

अधूरे नाला निर्माण को पूरा कराने की मांग

ज्ञापन में दावा किया गया है कि श्रमिक बस्ती के ब्लॉक संख्या-14 के पास नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। कांग्रेस के अनुसार अधूरा निर्माण होने के कारण बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हो रही है।

पार्टी ने मांग की है कि नाला निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए और निर्माण के दौरान भी नागरिकों की जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो।

संयुक्त जांच समिति बनाने की मांग

जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी से नाला निर्माण और उससे जुड़े कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और स्वतंत्र तकनीकी अभियंताओं की संयुक्त जांच समिति गठित करने की मांग रखी गई है।

कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में तकनीकी मानकों की अनदेखी, घटिया सामग्री का इस्तेमाल या किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पार्टी ने ज्वाला नगर, श्रमिक बस्ती, रफत कॉलोनी, कृष्णा विहार, मायादेवी धर्मशाला के पीछे और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव के स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक जल निकासी कार्ययोजना तैयार कर उसे समयबद्ध तरीके से लागू करने की मांग की है।

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