सवाई माधोपुर : राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां वन विभाग की लापरवाही के चलते एक मासूम बच्चे को टाइगर ने अपना शिकार बना लिया। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह हादसा हुआ, वहां पिछले दो-तीन दिनों से टाइगर की लगातार गतिविधि देखी जा रही थी, इसके बावजूद वन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पूर्व में भी कर चुका है हमला, फिर भी विभाग बेखबर
जानकारी के मुताबिक, यह टाइगर पहले भी हमले कर चुका है और 1987 से लेकर अब तक 20 लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। बावजूद इसके, वन विभाग के अधिकारी समय रहते कोई कदम नहीं उठाते। टाइगर की मौजूदगी की जानकारी होने के बाद भी रास्ता नहीं बंद किया गया, और जब हादसा हो गया, तब जाकर रास्ते को 6 दिनों के लिए बंद किया गया।
परिजनों की आंखों के सामने हुआ हादसा
मासूम की दादी और पिता की आंखों के सामने टाइगर ने 6 साल के बच्चे को पंजों से दबोच लिया और उसकी जान ले ली। यह दृश्य परिवार के लिए किसी भयानक सपने से कम नहीं था। परिजनों का आरोप है कि अगर वन विभाग ने समय पर चेतावनी जारी की होती और सुरक्षा के उपाय किए होते, तो यह हादसा टल सकता था।
वन अधिकारी ने नहीं दिया कोई जवाब
इस गंभीर मुद्दे पर जब संवाददाता ने डीएफओ रामानंद बाकर से संपर्क कर जानकारी लेनी चाही, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस खतरनाक टाइगर को चिड़ियाघर में शिफ्ट किया जाएगा या यूं ही उसे जंगल में लोगों की जान जोखिम में डालने के लिए खुला छोड़ा जाएगा।
जनता में आक्रोश, वन विभाग पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग वन विभाग की लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं और टाइगर को तत्काल पकड़ने व उसे सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग कर रहे हैं।
