पटना: हाईकोर्ट परिसर में ATS की हाई-लेवल मॉक ड्रिल, सुरक्षा तैयारियों और समन्वय का प्रभावशाली प्रदर्शन

पटना (सरफराज आलम): राज्य की आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ एवं मजबूत बनाने की दिशा में आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), बिहार द्वारा शनिवार 25 अप्रैल 2026 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना परिसर में एक उच्च स्तरीय लाइव डिमॉन्सट्रेशन/मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन या आतंकी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण करना और उनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।

इस अभ्यास के दौरान सुरक्षा बलों ने संभावित आतंकी हमले जैसी परिस्थिति का सजीव प्रदर्शन किया। इसमें संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, इलाके की घेराबंदी, बंधक स्थिति से निपटने की रणनीति, विस्फोटक पदार्थों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया तथा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से दर्शाया गया। ATS की टीमों ने बेहद संयम, सटीकता और तालमेल के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिससे उनकी पेशेवर दक्षता और तत्परता स्पष्ट रूप से सामने आई।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर पटना हाईकोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू, न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद, बिहार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही, अपर पुलिस महानिदेशक (ATS) पंकज कुमार दाराद सहित कई न्यायमूर्ति एवं वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस अभ्यास को गंभीरता से देखा और सुरक्षा एजेंसियों के प्रदर्शन की सराहना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश में सुरक्षा और संरक्षा की भावना को मजबूत करना हम सभी का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल भले ही प्रतीकात्मक हो, लेकिन यह सुरक्षा बलों की वास्तविक परिस्थितियों में तत्परता और दक्षता को दर्शाती है। साथ ही, इससे आम नागरिकों के मन में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ता है और उन्हें यह भरोसा मिलता है कि किसी भी संकट की स्थिति में हमारी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह के अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में आम नागरिक, अधिवक्ता और अधिकारी प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा के हर पहलू पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

अपर पुलिस महानिदेशक (ATS) पंकज कुमार दाराद ने भी जानकारी देते हुए बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

कुल मिलाकर, यह मॉक ड्रिल न केवल सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का प्रदर्शन थी, बल्कि यह संदेश भी देती है कि बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।

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