रामपुर। नव निर्माण के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन प्रांगण में विश्व क्षय रोग दिवस के तहत वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित 51 ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला सहकारी बैंक चेयरमेन मोहन लाल सैनी, मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. नितेश कुमार ने जनपद की प्रगति और टीबी उन्मूलन अभियान पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वहीं टीबी चैंपियंस (टीबी से स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों) ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित दवा और सकारात्मक सोच से इस बीमारी को पूरी तरह हराया जा सकता है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से निक्षय वाहन को मुख्य अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये वाहन गांव-गांव जाकर संदिग्ध मरीजों की जांच और जनजागरूकता का कार्य करेंगे। साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण पोटली (पौष्टिक आहार किट) वितरित की गई।
जिला सहकारी बैंक चेयरमेन मोहन लाल सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में इन 51 ग्राम पंचायतों ने अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि इनमें से 4 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2024 और 2025 में लगातार टीबी मुक्त होने का प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है।
मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे और प्रभावी बनाने का आह्वान किया। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह ने वर्ष 2026 में अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए ग्राम प्रधानों से सहयोग की अपील की।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश ने जनपद की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि टीबी उपचार की सफलता दर में लगातार सुधार हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने और इस बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, टीबी चैंपियंस और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
