अब यूपी में लेखपाल नहीं, नायब तहसीलदार करेंगे राजस्व मामलों की जांच

CM कार्यालय का बड़ा फैसला, शिकायतकर्ता की सुनवाई के बाद ही बनेगी रिपोर्ट

  • रिपोर्ट- मंजय वर्मा

लखनऊ | 5 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक परिवर्तन किया गया है। अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं, बल्कि नायब तहसीलदार करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान मिल रही लगातार शिकायतों के आधार पर यह अहम निर्णय लिया गया है।

अब लेखपाल की रिपोर्ट नहीं मानी जाएगी अंतिम
मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि लेखपाल स्तर की जांच पर रोक लगाई जाती है और अब उनकी रिपोर्ट अंतिम नहीं मानी जाएगी। यह निर्णय जनहित में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

नायब तहसीलदार होंगे जांच अधिकारी
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक, नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। अब शिकायतकर्ता की सीधी सुनवाई के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

SDM स्तर पर होगा अंतिम निपटारा
इन शिकायतों पर अंतिम निर्णय उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर से होगा। अब केवल फील्ड रिपोर्ट नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की सुनवाई और तथ्यात्मक आधार पर ही समाधान किया जाएगा।

CM कार्यालय दिखा रहा संवेदनशीलता
इस निर्णय से साफ है कि मुख्यमंत्री कार्यालय जनता की शिकायतों को लेकर अब केवल रिपोर्ट नहीं, बल्कि सुनवाई को प्राथमिकता दे रहा है। यह बदलाव राजस्व मामलों में बेहतर पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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