- रिपोर्ट: प्राची सिंह
अयोध्या। अयोध्या स्थित राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने के आभूषणों की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को जांच के दौरान एक नया संदेह सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी को आशंका है कि चोरी किए गए सोने के आभूषणों को पहचान छिपाने के उद्देश्य से पिघलाकर सोने के बिस्कुट में बदल दिया गया होगा।
बताया जा रहा है कि कई संभावित स्थानों पर छापेमारी के बावजूद जब कथित रूप से गायब आभूषण बरामद नहीं हुए, तो जांच टीम का यह संदेह और गहरा हो गया। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।
मंदिर प्रभारी से की गई पूछताछ
मामले की जांच के क्रम में एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने राम मंदिर परिसर का दौरा किया। रामलला के दर्शन के बाद टीम ने मंदिर प्रभारी के.डी. बाबू से विस्तृत पूछताछ की। अधिकारियों ने मंदिर में आने वाले चढ़ावे, आभूषणों के रख-रखाव, सुरक्षा व्यवस्था और उनके भंडारण की प्रक्रिया की जानकारी ली।
जांच टीम ने सरकारी टकसाल और विभिन्न बैंकों को भेजे गए सोने-चांदी का रिकॉर्ड भी तलब किया है। जानकारी के अनुसार, पहले चरण में ट्रस्ट की ओर से लगभग 9.44 क्विंटल (944 किलोग्राम) चांदी की जांच और शुद्धता परीक्षण के लिए सरकारी टकसाल भेजी गई थी। पुलिस अब इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
ट्रस्ट की बैठकों पर भी उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नियमित बैठकों में मुख्य रूप से नकद दान और आय की समीक्षा की जाती थी, जबकि सोने-चांदी के आभूषणों के स्टॉक, उनकी मात्रा और मूल्य का विस्तृत आकलन नियमित रूप से नहीं किया जाता था।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
बताया जाता है कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि मंदिर को दान में करीब 13 क्विंटल चांदी और 20 किलोग्राम सोना प्राप्त हुआ है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आभूषणों के रख-रखाव और रिकॉर्ड प्रणाली में कहीं कोई चूक या अनियमितता तो नहीं हुई।
फिलहाल एसआईटी सभी पहलुओं की जांच कर रही है। चोरी के सोने को पिघलाकर बिस्कुट बनाने संबंधी आशंका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
