2027 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस पूरी एकजुटता के साथ लड़ेगी: डॉ. राज कुमार वेरका
विपक्षी दलों के पास नेताओं की कमी, कांग्रेस नेताओं की नर्सरी है: वेरका
-चन्नी के घर हुई बैठक को लेकर बगावत की अटकलों को वेरका ने बताया बेबुनियाद
-हाईकमान से बात करना हर कांग्रेसी का अधिकार, पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं
- रिपोर्ट: ललित शर्मा
अमृतसर: पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. राज कुमार वेरका ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव कांग्रेस पार्टी पूरी एकजुटता के साथ लड़ेगी और पार्टी के भीतर किसी प्रकार की बगावत या गुटबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता एक मंच पर हैं तथा संगठन को मजबूत बनाने और चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
डॉ. वेरका ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर हुई कांग्रेस नेताओं की बैठक को लेकर चल रही अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि इस बैठक में वही नेता शामिल हुए थे जो कांग्रेस के हित, संगठन की मजबूती और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इस बैठक को किसी भी प्रकार की बगावत या प्रदेश अध्यक्ष के विरोध से जोड़ना पूरी तरह गलत और निराधार है।
उन्होंने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस के सम्मानित और वरिष्ठ नेता हैं तथा पार्टी का प्रत्येक नेता उनका सम्मान करता है। पार्टी के भीतर विचार-विमर्श करना हर नेता का लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि किसी नेता को संगठन या पार्टी के कामकाज को लेकर कोई सुझाव या चिंता है तो वह हाईकमान के सामने अपनी बात रख सकता है। इसे नाराजगी या पार्टी में फूट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा चरणजीत सिंह चन्नी का स्वागत किए जाने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. वेरका ने कहा कि विपक्षी दलों के पास मजबूत नेतृत्व का अभाव है। यही कारण है कि वे कांग्रेस के नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से नेताओं को तैयार करने वाली पार्टी रही है और आज कई अन्य राजनीतिक दलों के बड़े नेता भी कभी कांग्रेस का हिस्सा रह चुके हैं।
डॉ. वेरका ने दावा किया कि कांग्रेस का कोई भी नेता पार्टी छोड़ने वाला नहीं है और पूरा संगठन एकजुट होकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इसका फैसला उचित समय पर पार्टी हाईकमान करेगा। फिलहाल कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत करना तथा एकजुट होकर आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करना है।
