- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
पटना। नीट यूजी री-एग्जाम 2026 की तैयारियां अब युद्ध स्तर पर पहुंच चुकी हैं। पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) इस बार परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी क्रम में प्रश्नपत्रों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान ‘गजराज’ के जरिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
वायुसेना के विशेष विमान से पटना पहुंचे प्रश्नपत्र
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वायुसेना का विशेष विमान ‘गजराज’ प्रश्नपत्रों को लेकर पटना एयरपोर्ट पहुंचा। विमान के उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया और प्रश्नपत्रों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
इसके बाद कड़ी निगरानी में प्रश्नपत्रों की खेप दरभंगा और गया एयरपोर्ट के लिए रवाना की गई, जहां संबंधित अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले लिया।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी और अब इसका दोबारा आयोजन 21 जून को प्रस्तावित है। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं और कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
अफवाहों पर रोक लगाने के लिए शिकायत पोर्टल शुरू
एनटीए ने फर्जी सूचनाओं और साइबर ठगी पर अंकुश लगाने के लिए एक सार्वजनिक शिकायत पोर्टल भी शुरू किया है। एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के पेपर लीक, फर्जी दावों या संदिग्ध गतिविधियों के झांसे में न आएं।
छात्र संदिग्ध वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट या अन्य गतिविधियों की जानकारी innovateindia.mygov.in/neet-ug-2026 पोर्टल पर साझा कर सकते हैं, जिस पर संबंधित एजेंसियां त्वरित कार्रवाई करेंगी।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध
परीक्षा से पहले फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले नेटवर्क पर रोक लगाने के उद्देश्य से टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य छात्रों को धोखाधड़ी से बचाना और जालसाजों के नेटवर्क को कमजोर करना है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग तकनीकी उपायों के जरिए प्रतिबंध को दरकिनार करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन आम छात्रों की पहुंच सीमित होने से फर्जीवाड़े के नेटवर्क पर प्रभाव पड़ेगा।
37 दिनों में तैयार हुआ बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र
एनटीए के अनुसार, जिस स्तर की तैयारी में सामान्यतः पांच से छह महीने लगते हैं, उसे रक्षा मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के सहयोग से मात्र 37 दिनों में पूरा किया गया है।
करीब 22 लाख प्रश्नपत्रों की 13 भाषाओं में छपाई और देशभर में उनके सुरक्षित परिवहन का कार्य बेहद कम समय में पूरा किया गया। गृह मंत्रालय, अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और प्रशासन की निगरानी में देश के 5,440 और विदेशों के 14 परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
