25 मई से शुरू होगा नौतपा — सूर्य बरसाएंगे आग, सतर्क रहना होगा जरूरी!
नो तप्पा में अधिक जल सेवन रहेगा लाभदायक
ऐलनाबाद, 22 मई (डॉ एम पी भार्गव ): 9 दिनों तक धरती तपेगी तवे जैसी, लू और हीट स्ट्रोक का बढ़ेगा खतरा सेवा, सावधानी और पुण्य का संदेश लेकर आया नौतपा। गर्मी अब अपने सबसे खतरनाक दौर में प्रवेश करने जा रही है।
25 मई 2026 से नौतपा शुरू हो रहा है, जो 2 जून 2026 तक रहेगा। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य देव अपनी सबसे प्रचंड किरणों से धरती को तपाते हैं। आसमान से बरसती आग जैसे हालात लोगों की परीक्षा लेते हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान तापमान में भारी बढ़ोतरी हो सकती है और लू, डिहाइड्रेशन व हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
क्या है नौतपा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा आरंभ होता है। इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें अत्यंत तीव्र मानी जाती हैं। कहा जाता है कि जितनी तेज गर्मी पड़ती है, आने वाला मौसम उतना ही संतुलित और कृषि के लिए लाभकारी माना जाता है।
नौतपा केवल गर्मी का समय नहीं, बल्कि धैर्य, सेवा और मानवता की परीक्षा भी माना जाता है।
नौतपा में बढ़ जाते हैं ये खतरे
तेज धूप में निकलने से लू लगने का खतरा
शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन
अधिक गर्मी से हीट स्ट्रोक
सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं,
छोटे बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ने का अधिक खतरा
*नौतपा में करें ये 5 पुण्यकारी काम
जलदान करें — सबसे बड़ा पुण्य
प्यासे लोगों को पानी पिलाएं, सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगाएं। भीषण गर्मी में पानी पिलाना सबसे बड़ी सेवा मानी गई है।
पक्षियों के लिए पानी रखें
छत, आंगन या पेड़ों के नीचे मिट्टी के बर्तन में पानी रखें। बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाना सच्ची मानवता है।
जरूरतमंदों की मदद करें
गरीबों को छाता, चप्पल, कपड़े, फल या ठंडे पेय पदार्थ दान करें। किसी की राहत बनना ही सबसे बड़ा धर्म है।
सूर्य देव को अर्घ्य दें
सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल मिलता है।
तुलसी और पीपल को जल दें
पवित्र पौधों को जल अर्पित कर दीपक जलाएं। इससे वातावरण में सकारात्मकता और शांति बनी रहती है!
नौतपा में रखें इन बातों का विशेष ध्यान
- खूब पानी, छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी पिएं
- दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
- हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें.
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
नौतपा हमें केवल गर्मी का एहसास नहीं कराता, बल्कि यह संदेश भी देता है कि जब प्रकृति तपती है, तब इंसानियत को भी जागना चाहिए।
किसी प्यासे को पानी पिलाना, किसी गरीब को राहत देना और बेजुबानों की सेवा करना ही सच्चा पुण्य है।
“सेवा, दान और सावधानी — यही है नौतपा का सच्चा उपाय।”
