संविदा बस चालक के बेटे मोइन अहमद मंसूरी बने IAS, तीन बार असफल होने के बाद चौथे प्रयास में रचा इतिहास
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के जटपुरा गांव के रहने वाले मोइन अहमद मंसूरी ने कठिन परिस्थितियों को मात देकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जगह बनाई। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 296वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया।
मोइन के पिता संविदा बस चालक थे और सात सदस्यीय परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े मोइन का सपना शुरुआत में क्रिकेटर बनने का था, लेकिन आर्थिक तंगी और क्रिकेट के महंगे उपकरणों के कारण उन्होंने अपना लक्ष्य बदलकर सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी।
यूपीएससी की तैयारी के लिए मोइन कर्ज लेकर दिल्ली पहुंचे। हालांकि शुरुआती तीन प्रयासों में उन्हें लगातार असफलता का सामना करना पड़ा। बार-बार असफल होने के बाद रिश्तेदारों और परिचितों ने उन्हें पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने तक की सलाह दी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
लगातार संघर्ष, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर मोइन ने चौथे प्रयास में सफलता हासिल की और वर्ष 2022 में यूपीएससी परीक्षा पास कर 296वीं रैंक प्राप्त की। आज वह पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
