लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चौतरफा हमले के दौर में और प्रासंगिक हुई मंगल पांडे की शहादत : पूर्व विधायक संजय कपूर
रामपुर। मौजूदा सरकारें आज जब लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चौतरफा हमला बोल रहीं हैं, तब अपनी अस्मिता, अपने अधिकारों और अपने देश की गरिमा के लिए आवाज उठाते हुए शहीद होने वाले मंगल पांडे जी की शहादत आज और भी प्रासंगिक हो जाती है।
यह बात पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर ने जिला एवं नगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, 1857 की क्रांति के अग्रदूत शहीद शिरोमणि मंगल पांडे की जयंती के अवसर पर गांधी समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
संजय कपूर ने आगे कहा कि “जब देश पर ब्रिटिश हुकूमत का शिकंजा कसता जा रहा था, तब मंगल पांडे ने पहला क्रांतिकारी स्वर बुलंद किया।
आज जब देश में लोकतंत्र को कमजोर करने, संविधान को दरकिनार करने और संस्थाओं को पंगु करने की कोशिशें हो रही हैं, तब मंगल पांडे की शहादत हमें सिखाती है कि अन्याय के विरुद्ध चुप रहना भी अपराध है। आज का युवा अगर अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाना चाहता है, तो उसे मंगल पांडे जैसे साहस और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है।”
जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा निक्कू पंडित’ ने कहा “मंगल पांडे सिर्फ एक सिपाही नहीं थे, वे स्वतंत्रता की पहली मशाल थे। 1857 में जब उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाई, तो उन्होंने भारत में आज़ादी की नींव रखी।
आज जब सत्ता के नशे में चूर सरकारें संविधान से खिलवाड़ कर रही हैं, ऐसे समय में कांग्रेस पार्टी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराती है।”

एआईसीसी सदस्य मुतिउर रहमान “बब्लू” ने कहा “शहीद मंगल पांडे ने धर्म और जाति से ऊपर उठकर देश के लिए बलिदान दिया।
आज जरूरत है कि हम उनके उस समावेशी विचार को आत्मसात करें जो भारत को एकजुट करता है।
आज देश के अल्पसंख्यकों, दलितों और गरीब तबकों पर जो दबाव है, उसका मुकाबला हमें मंगल पांडे की तरह निडर होकर करना होगा।”
शहर अध्यक्ष बाकर अली खां उर्फ हारून खां ने “शहीदों को केवल याद करने से नहीं, उनके रास्ते पर चलकर ही सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
मंगल पांडे ने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की शुरुआत की थी, आज हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम लोकतंत्र, भाईचारे और न्याय की रक्षा करें। कांग्रेस कार्यकर्ता उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर हर अन्याय के खिलाफ संघर्षरत रहेंगे।”
जिला महासचिव एवं मीडिया कॉर्डिनेटर उमेश दुबे ने कार्यक्रम संचालन करते हुए कहा “1857 की क्रांति आज की पीढ़ी के लिए सिर्फ इतिहास नहीं, चेतना है।
मंगल पांडे ने न तो कोई चुनाव लड़ा, न कोई मंच बनाया, लेकिन उनके साहस ने एक क्रांति जगा दी। आज जब सच बोलने वालों की आवाज दबाई जा रही है, तो हर युवा को मंगल पांडे बनने की ज़रूरत है। कांग्रेस पार्टी अपने हर कार्यकर्ता को उस चेतना से जोड़ने का संकल्प लेती है।”
इससे पूर्व वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेसजन ने शहीद मंगल पांडे के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पित किए तथा मोमबत्ती प्रज्जविलत कर अपनी कृतज्ञता प्रकट की। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष साहिर रजा खां, कार्यालय प्रभारी शकील मंसूरी, शहर कोषाध्यक्ष सलीम अहमद, जिला महासचिव मोहम्मद रफी, शादाब खां, शहर उपाध्यक्ष नोमान खां, जमील मियां, यूथ कांग्रेस के महासचिव अरसलान खां, सैदनगर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आसिफ खां, कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष चितरंजन प्रसाद श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
