Marigold Plant Care: गेंदे के पौधे में चाहिए ढेर सारे फूल? माली की ये आसान ट्रिक आएगी काम

Marigold Plant Care: दिवाली और त्योहारों के मौसम में गेंदे के पीले और नारंगी फूलों की मांग बढ़ जाती है। घर के दरवाजे, बालकनी, आंगन और पूजा की सजावट में गेंदे के फूलों का खास इस्तेमाल होता है। ऐसे में अगर घर में गमले में गेंदे का पौधा लगा है, लेकिन उसमें फूल कम आ रहे हैं, तो कुछ आसान तरीकों से उसकी देखभाल बेहतर की जा सकती है। इसके लिए महंगी खाद या किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होती। पौधे की सही समय पर कटाई, पर्याप्त धूप और संतुलित पानी से उसमें ज्यादा शाखाएं और फूल आने की संभावना बढ़ सकती है।

Marigold Plant Care: गेंदे के पौधे में ज्यादा फूल लाने की आसान ट्रिक

अगर गेंदे का पौधा लगातार लंबा हो रहा है, लेकिन उसमें ज्यादा शाखाएं नहीं निकल रहीं, तो इसकी एक वजह पौधे की ऊपरी बढ़त हो सकती है। ऐसे में **पिंचिंग (Pinching)** तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। इसमें पौधे के सबसे ऊपर बढ़ रहे कोमल हिस्से को हल्के से हटाया जाता है, जिससे उसके नीचे की गांठों से नई शाखाएं निकलने में मदद मिल सकती है।

जब पौधे में ज्यादा शाखाएं विकसित होती हैं, तो उन पर कलियां बनने के अवसर भी बढ़ सकते हैं। इससे पौधा अधिक घना दिखाई देता है और सही परिस्थितियों में उसमें ज्यादा फूल खिल सकते हैं।

हालांकि, पिंचिंग हर पौधे पर एक ही समय पर करना सही नहीं होता। पौधे की उम्र, उसकी मजबूती और मौसम को देखकर ही यह कदम उठाना चाहिए।

Marigold Plant Care:  कब और कैसे करें गेंदे के पौधे की पिंचिंग?

गेंदे का पौधा जब अच्छी तरह बढ़ने लगे और उसमें कई पत्तियां विकसित हो जाएं, तब उसकी पिंचिंग पर विचार किया जा सकता है। आम तौर पर करीब 6 से 8 इंच ऊंचे, स्वस्थ पौधे में यह तकनीक अपनाई जा सकती है।

पिंचिंग करते समय इन बातों का ध्यान रखें:

– पौधे के ऊपरी हिस्से की हल्की कटाई करें, ताकि नीचे से नई शाखाएं निकलने की संभावना बने।
– कैंची या प्रूनर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे साफ रखें।
– पौधे की बहुत ज्यादा कटाई न करें। जरूरत से अधिक काटने पर उसकी बढ़त प्रभावित हो सकती है।
– कमजोर, बीमार या हाल ही में दूसरी जगह लगाए गए पौधे को पहले संभलने का समय दें।
– पिंचिंग के बाद पौधे को पर्याप्त रोशनी, सही मात्रा में पानी और संतुलित पोषण दें।

अगर पौधे की ऊपरी टहनी को उंगलियों से हटाना हो, तो केवल बहुत कोमल सिरा ही हटाएं। मुख्य तने को नुकसान पहुंचाने से बचें।

Marigold Plant Care:  गेंदे के पौधे में छोटी कली दिखने लगे तो क्या करें?

कई बार गेंदे का पौधा छोटा ही होता है और उस पर शुरुआती कली दिखाई देने लगती है। ऐसे में फैसला पौधे की स्थिति देखकर करना चाहिए।

यदि पौधा अभी कमजोर है और उसमें शाखाएं बहुत कम हैं, तो शुरुआती कली को हटाने से पौधे की ऊर्जा पत्तियों और नई बढ़त की ओर जाने में मदद मिल सकती है। इससे आगे चलकर अधिक शाखाएं विकसित होने का अवसर मिल सकता है।

लेकिन यदि पौधा पहले से घना और स्वस्थ है, तो हर कली को हटाने की जरूरत नहीं है। पौधे में कलियां बनने लगें और वह फूल देने की अवस्था में पहुंच जाए, तो बार-बार पिंचिंग करने से बचें। लगातार कटाई करने पर फूल आने में देरी हो सकती है।

Marigold Plant Care: रोज कितनी धूप चाहिए गेंदे के पौधे को?

गेंदे के पौधे में अच्छी बढ़त और फूलों के लिए पर्याप्त धूप बेहद जरूरी है। इसे ऐसी जगह रखना बेहतर रहता है, जहां रोज लगभग 5 से 6 घंटे या पौधे की किस्म के अनुसार पर्याप्त सीधी धूप मिल सके।

अगर पौधे को बहुत कम रोशनी मिलती है, तो उसकी शाखाएं कमजोर हो सकती हैं और फूल कम आ सकते हैं। इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहां उसे अच्छी रोशनी मिले और हवा का आवागमन भी बना रहे।

गर्म मौसम में यदि पौधा दोपहर की तेज धूप से मुरझाने लगे, तो उसकी स्थिति पर नजर रखें। पानी और रोशनी का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

Marigold Plant Care: पानी देने में न करें ये गलती

गेंदे के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से पानी देना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसान पहुंचा सकता है। मिट्टी में लगातार नमी बनी रहने से जड़ों को परेशानी हो सकती है और पौधा कमजोर पड़ सकता है।

पानी देने से पहले गमले की मिट्टी को जांच लें। अगर ऊपर की मिट्टी सूखी महसूस हो, तो पौधे को पानी दें। ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद हों।

पानी डालते समय कोशिश करें कि वह मिट्टी तक पहुंचे। केवल पत्तियों पर बार-बार पानी डालने के बजाय जड़ों के आसपास की मिट्टी को नम रखना अधिक उपयोगी है। मौसम, गमले के आकार और मिट्टी के अनुसार पानी की जरूरत बदल सकती है।

Marigold Plant Care: गेंदे के पौधे में कौन-सी खाद डालें?

गेंदे के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाई जा सकती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाने और पौधे को पोषण देने में मदद मिलती है।

खाद की मात्रा पौधे की उम्र, गमले के आकार और मिट्टी की स्थिति के अनुसार रखें। जरूरत से ज्यादा खाद डालना सही नहीं है। विशेष रूप से नाइट्रोजन की अधिकता होने पर पौधे में पत्तियां और शाखाएं तो बढ़ सकती हैं, लेकिन फूलों की संख्या प्रभावित हो सकती है।

कुछ लोग सरसों की खली से तैयार घोल का भी इस्तेमाल करते हैं। यदि इसका उपयोग करें, तो इसे सही तरीके से तैयार करके पर्याप्त पानी में पतला करें और सीमित मात्रा में ही दें। बहुत गाढ़ा घोल या जरूरत से ज्यादा पोषण जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।

Marigold Plant Care:  मुरझाए फूलों को हटाना भी है जरूरी

जब गेंदे के फूल पूरी तरह खिलने के बाद मुरझाने लगें, तो उन्हें पौधे से हटा देना उपयोगी हो सकता है। बागवानी में इसे डेडहेडिंग (Deadheading) कहा जाता है।

मुरझाए फूलों को हटाने से पौधे को नए फूल विकसित करने में मदद मिल सकती है। कटाई करते समय फूल के साथ केवल उतना ही हिस्सा हटाएं जितना जरूरी हो और स्वस्थ शाखाओं को नुकसान न पहुंचाएं।

अगर आप गेंदे के बीज इकट्ठा करना चाहते हैं, तो कुछ फूलों को पौधे पर सूखने के लिए छोड़ सकते हैं। बाकी मुरझाए फूलों को समय-समय पर हटाने से पौधे की साफ-सफाई बनी रहती है।

Marigold Plant Care: क्या दिवाली तक गेंदे का पौधा फूलों से भर सकता है?

यदि गेंदे का पौधा पहले से स्वस्थ है, मौसम अनुकूल है और उसकी देखभाल सही तरीके से की जा रही है, तो उसमें अधिक फूल आने की संभावना बढ़ सकती है। पिंचिंग, पर्याप्त धूप, संतुलित पानी और उचित खाद इसमें मदद कर सकते हैं।

हालांकि, दिवाली तक कितने फूल खिलेंगे, इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती। यह पौधे की किस्म, उम्र, रोपाई के समय, मौसम और देखभाल पर निर्भर करता है। अगर पौधे में पहले से कलियां बन रही हैं, तो उसे बार-बार काटने के बजाय फूल खिलने के लिए समय देना बेहतर है।

गेंदे के पौधे में ज्यादा फूल पाने के लिए महंगे उपायों से ज्यादा जरूरी है उसकी नियमित और सही देखभाल। समय पर हल्की पिंचिंग, पर्याप्त धूप, संतुलित पानी, उचित खाद और मुरझाए फूलों को हटाने जैसी छोटी आदतें पौधे को स्वस्थ और घना बनाने में मदद कर सकती हैं।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.