मधुबनी- पहलगाम हमले के गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी, अंतिम छोर तक करेंगे पीछा: प्रधानमंत्री मोदी
बिहार की धरती से पीएम मोदी का आतंकवाद पर प्रहार: ‘अब बचने का कोई रास्ता नहीं’
नई दिल्ली/पटना: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादियों और उनके सरपरस्तों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि “अब आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है” और भारत उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को तैयार है।
पहलगाम हमले पर पीएम की भावुक लेकिन सख्त प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक धरती से कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में निर्दोष देशवासियों की बेरहमी से हत्या की गई, जिसने 140 करोड़ भारतीयों को आक्रोशित कर दिया है। उन्होंने कहा —
“किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने भाई, कोई मराठी था, कोई उड़िया, कोई बंगाली… लेकिन पूरे देश का दर्द एक जैसा है।”
आतंक के आकाओं को दी चेतावनी: “मांद में भी छिपा लो, खींचकर मारेंगे”
प्रधानमंत्री मोदी ने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संदेश स्पष्ट था। उन्होंने कहा,
“भारत हर एक आतंकी और उनके समर्थकों की पहचान करेगा और उन्हें सज़ा देगा। हम उनका पीछा धरती के आखिरी छोर तक करेंगे।”
संकेत: हो सकती है बड़ी सैन्य कार्रवाई
पीएम मोदी के इस बयान से यह साफ हो गया है कि यह सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक सुनियोजित जवाबी कार्रवाई की प्रस्तावना है।
- कैबिनेट कमेटी ऑन सेक्योरिटी की बैठक उनके आवास पर हुई (जो विशेष स्थिति में ही होता है)।
- बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल शामिल थे।
- रक्षा मंत्रालय, RAW, IB और मिलिट्री इंटेलिजेंस युद्धस्तर पर जानकारी जुटा रही हैं।
भारत के ऑप्शन: सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर गुप्त मिशन तक
प्रधानमंत्री के “धरती के अंतिम छोर तक” वाले शब्द इस ओर संकेत कर रहे हैं कि भारत:
- PoK में सर्जिकल स्ट्राइक (जैसे उरी के बाद हुई थी)
- एयर स्ट्राइक/मिसाइल अटैक (जैसे बालाकोट)
- गुप्त मिशन, जैसा मोसाद या CIA करते हैं — इन सब विकल्पों पर विचार कर रहा है।
मोदी का वैश्विक संदेश — दुनिया को दी भारत की मंशा की जानकारी
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने अंग्रेज़ी में भी बयान दिया और उन देशों का आभार जताया जो भारत के साथ खड़े हैं। इससे साफ है कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ माहौल बनाने की दिशा में भी सक्रिय है।
क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?
पीएम मोदी ने साफ कहा: “अब आतंकवादियों के सपोर्ट सिस्टम को खत्म किए बिना भारत चैन से नहीं बैठेगा।”
यह केवल जवाबी हमला नहीं, बल्कि एक स्थायी समाधान की दिशा में निर्णायक कदम होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने न सिर्फ देशवासियों के दुख और आक्रोश को स्वर दिया, बल्कि यह स्पष्ट कर दिया कि अब सिर्फ निंदा नहीं होगी, निर्णायक और कठोर कार्रवाई होगी, जिससे आतंकवाद की जड़ें उखड़ जाएंगी।
