Kuldeep Singh Dhaliwal: अकाल तख्त साहिब में नतमस्तक हुए AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल, विवादित बयानबाजी पर मांगी माफी
अमृतसर।आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल (Kuldeep Singh Dhaliwal) श्री अकाल तख्त साहिब में नतमस्तक हुए और गुरु महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने हालिया विवाद और बयानबाजी से जुड़ी गलतफहमियों पर गुरु महाराज के समक्ष क्षमा याचना की। धालीवाल ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब का सम्मान सर्वोपरि है और वे तथा उनकी पार्टी सिख परंपराओं एवं मर्यादाओं का पूरा आदर करते हैं।
अकाल तख्त साहिब परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए धालीवाल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों का सर्वोच्च तख्त है। इसकी गरिमा और मर्यादा का सम्मान करना हर सिख का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और वे स्वयं अकाल तख्त साहिब के सम्मान को सबसे ऊपर मानते हैं।
Kuldeep Singh Dhaliwal: मनविंदर सिंह गियासपुरा से जुड़े विवाद पर दी सफाई
कुलदीप सिंह धालीवाल ने हाल में विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा को रोके जाने और इसके बाद पैदा हुए विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम को लेकर कुछ गलतफहमियां पैदा हो गई थीं। उनके अनुसार, जिस समय बाहर बयानबाजी हुई, उस समय वे अंदर मौजूद थे और उन्हें इसकी जानकारी बाद में मिली।
धालीवाल ने बताया कि जत्थेदार साहिब के निर्देशों और सिख मर्यादा का पालन करते हुए उन्होंने अपने पार्टी सहयोगियों के साथ गुरु महाराज के समक्ष नतमस्तक होकर क्षमा याचना की।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी अहमियत को समझना जरूरी है। धालीवाल ने अकाल तख्त साहिब के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी स्थापना और निर्माण से जुड़ी परंपराएं सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखती हैं।
Kuldeep Singh Dhaliwal: ‘अकाल तख्त साहिब से बढ़कर कुछ नहीं’
मीडिया से बातचीत के दौरान धालीवाल ने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और वे स्वयं धार्मिक भावनाओं तथा सिख परंपराओं का सम्मान करते हैं।
उन्होंने जाति-पाति और भेदभावपूर्ण सोच का विरोध करते हुए कहा कि सभी लोगों को समान सम्मान मिलना चाहिए। श्री हरिमंदिर साहिब के चार दरवाजों का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे समानता, खुलेपन और सभी के प्रति आदर का प्रतीक बताया।
धालीवाल के अनुसार, धार्मिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना और समाज में आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों को गंभीरता से लेती है।
Kuldeep Singh Dhaliwal: जत्थेदार साहिब के साथ सकारात्मक माहौल में हुई मुलाकात
कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब के साथ उनकी मुलाकात सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। इस दौरान उन्होंने साथ बैठकर प्रसादा भी ग्रहण किया।
बैठक में सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। धालीवाल ने दिल्ली स्थित बंगला साहिब से जुड़े मामले और दिल्ली पुलिस की कुछ गतिविधियों को लेकर सिख समुदाय की भावनाओं से संबंधित विषय भी जत्थेदार साहिब के सामने रखे।
उन्होंने इन मामलों में आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया, ताकि धार्मिक भावनाओं और सिख समुदाय के सम्मान से जुड़े मुद्दों का उचित समाधान निकाला जा सके।
Kuldeep Singh Dhaliwal: सिख परंपराओं और धार्मिक मर्यादा के सम्मान पर दिया जोर
धालीवाल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की आस्था, धार्मिक अधिकारों और परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए इससे जुड़े किसी भी विषय पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ बात की जानी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि वे और उनकी पार्टी अकाल तख्त साहिब के आदेशों, धार्मिक परंपराओं और सिख मर्यादा का सम्मान करते रहेंगे। उनके अनुसार, हालिया घटनाक्रम के बाद पैदा हुई गलतफहमियों को दूर करना और धार्मिक भावनाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करना जरूरी था।
कुलदीप सिंह धालीवाल के अकाल तख्त साहिब पहुंचने और क्षमा याचना करने के घटनाक्रम के बीच उनके बयान को धार्मिक संस्थाओं के सम्मान और सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने अंत में फिर कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का सम्मान सर्वोपरि है और धार्मिक मर्यादा का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
