कबीर बेदी ने मोहब्बत के लिए दांव पर लगाया करियर, परवीन बॉबी से जुड़ा भावुक किस्सा बॉयोग्राफी में किया साझा
मुंबई।“प्यार करना ही काफी नहीं होता, उसे निभाना भी होता है”—यह पंक्ति अभिनेता कबीर बेदी की ज़िंदगी पर पूरी तरह सटीक बैठती है। अपनी आत्मकथा (बॉयोग्राफी) में कबीर बेदी ने अपनी निजी ज़िंदगी से जुड़ा एक भावुक और साहसिक किस्सा साझा किया है, जिसमें उन्होंने अभिनेत्री परवीन बॉबी के सम्मान के लिए अपना करियर तक दांव पर लगा दिया था।
कबीर बेदी और परवीन बॉबी की मोहब्बत के किस्से बॉलीवुड में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। एक इंटरव्यू का ज़िक्र करते हुए कबीर बताते हैं कि जब परवीन का निर्देशक डेनी से रिश्ता टूट चुका था और उनका खुद का प्रोतिमा बेदी से तलाक़ होने वाला था, उसी दौर में दोनों की मुलाकात हुई। दोनों ही उस वक्त टूटे हुए थे और एक-दूसरे की ओर खिंचते चले गए। कबीर के मुताबिक, परवीन बेहद संवेदनशील और केयरिंग थीं, जो उन्हें बहुत आकर्षित करता था। हालांकि, समय के साथ उन्हें लगा कि परवीन मानसिक रूप से परेशान हैं और वह उनकी मदद करना चाहते थे, लेकिन परवीन नहीं चाहती थीं कि इस बात की भनक किसी को लगे।
कबीर बताते हैं कि इसके बाद वह यूरोप चले गए और परवीन भी उनके साथ आ गईं। उनका इरादा परवीन के साथ पूरी ज़िंदगी बिताने का था और वे चाहते थे कि यूरोप में ही उनका इलाज हो, लेकिन परवीन इसके लिए तैयार नहीं हुईं। इसी दौरान भारत में परवीन बॉबी की फिल्म अमर अकबर एंथनी ज़बरदस्त हिट हुई और वह सुपरस्टार बन चुकी थीं। मुंबई से लगातार फिल्मों के ऑफर आने लगे और निर्माता उन्हें कास्ट करने के लिए उत्सुक थे।
कबीर बेदी ने बताया कि भारत में जहां परवीन को स्टार जैसा सम्मान मिलता था, वहीं यूरोप में उन्हें वैसी पहचान और इज्ज़त नहीं मिल रही थी। इसी दौरान इटली में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने कबीर को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। मशहूर इतालवी अभिनेत्री जीना लोलोब्रिजिडा ने उन्हें डिनर पर आमंत्रित किया। यह निमंत्रण उनके करियर के लिहाज से बेहद अहम था। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन जीना ने परवीन को नज़रअंदाज़ किया, यहां तक कि उनसे ठीक से बात भी नहीं की। बाद में जीना ने कबीर को डांस के लिए बुलाया और उन्होंने डांस किया, जिस पर उन्हें गर्व भी महसूस हुआ।
मामला तब बिगड़ा जब जीना ने परवीन से यह सवाल कर दिया कि वह यहां क्या कर रही हैं। यह बात परवीन को बेहद बुरी लगी। उन्होंने वहां से जाने का फैसला कर लिया। कबीर ने माहौल संभालने की कोशिश की और परवीन को समझाया कि जीना उनसे जलती हैं, लेकिन परवीन का मन नहीं बदला।
आखिरकार कबीर बेदी के सामने मुश्किल फैसला था—या तो अपने करियर के लिए वहां रुकें या फिर परवीन के साथ जाएं। उन्होंने महज़ दस सेकेंड में फैसला लिया और कहा कि उनकी महिला का अपमान हुआ है। इसके बाद उन्होंने जीना से माफी मांगते हुए डिनर छोड़ दिया और परवीन के साथ वहां से चले गए।
कबीर बेदी का यह किस्सा आज भी इस बात की मिसाल है कि सच्चे प्यार में सिर्फ भावनाएं ही नहीं, बल्कि साहस और प्रतिबद्धता भी ज़रूरी होती है।
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