Jio IPO Subscription: जियो IPO ने रचा इतिहास, 1.38 करोड़ आवेदन और 7.40 लाख करोड़ की बोलियां

Jio IPO Subscription: मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। देश के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में पेश किए गए जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के पब्लिक इश्यू को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। तीन दिनों तक चली बोली प्रक्रिया में 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, यह दुनिया में किसी भी आईपीओ को मिले अब तक के सबसे अधिक आवेदन हैं।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर को शाम 7 बजे बोली प्रक्रिया समाप्त होने तक जियो आईपीओ 22 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो चुका था। एंकर और गैर-एंकर निवेशकों की कुल बोलियां लगभग ₹7.40 लाख करोड़ तक पहुंच गईं। यह आंकड़ा भारतीय पूंजी बाजार में निवेशकों की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है।

इस आईपीओ की सबसे खास बात यह रही कि इसमें बड़े संस्थागत निवेशकों से लेकर आम निवेशकों तक ने रुचि दिखाई। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB श्रेणी में 70 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया, जबकि रिटेल निवेशकों की श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 2.72 गुना मांग रही।

अब निवेशकों की नजर 26 अक्टूबर को प्रस्तावित शेयर आवंटन और 28 अक्टूबर को होने वाली संभावित लिस्टिंग पर है।

Jio IPO Subscription: तीन दिनों में 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों से पहले दिन से ही अच्छी प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई थी। बोली प्रक्रिया के पहले दिन लगभग 30.5 लाख आवेदन प्राप्त हुए।

दूसरे दिन के अंत तक आवेदनों की संख्या बढ़कर 75 लाख के पार पहुंच गई। तीसरे और अंतिम दिन निवेशकों की भागीदारी में और तेजी आई तथा कुल आवेदन 1.38 करोड़ से अधिक हो गए।

कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, आवेदनों की संख्या के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है।

इससे पहले सर्वाधिक आवेदन प्राप्त करने का रिकॉर्ड वारी एनर्जीज के नाम था। अक्टूबर 2024 में आए वारी एनर्जीज के आईपीओ को लगभग 97.34 लाख आवेदन मिले थे।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को इस पुराने रिकॉर्ड की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

यहां यह समझना महत्वपूर्ण है कि आईपीओ में आवेदनों की संख्या और जुटाई जाने वाली पूंजी दो अलग-अलग आंकड़े होते हैं। अधिक आवेदन मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी निवेशकों को शेयर आवंटित होंगे।

Jio IPO Subscription: 7.40 लाख करोड़ रुपये की बोलियों ने खींचा ध्यान

जियो आईपीओ में निवेशकों की ओर से लगाई गई कुल बोलियों का मूल्य लगभग ₹7.40 लाख करोड़ बताया गया है।

इसमें एंकर निवेशकों की ओर से लगभग ₹2.50 लाख करोड़ की मांग शामिल है। वहीं, गैर-एंकर निवेशकों की बोलियों का मूल्य करीब ₹4.90 लाख करोड़ रहा।

इतनी बड़ी राशि की बोलियां प्राप्त होना निवेशकों की ओर से दिखाई गई मांग का संकेत है।

हालांकि, आईपीओ में लगाई गई कुल बोलियों की राशि और कंपनी द्वारा वास्तव में जुटाई जाने वाली रकम एक समान नहीं होती।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का इश्यू साइज ₹30,213 करोड़ है। ऐसे में ₹7.40 लाख करोड़ का आंकड़ा निवेशकों की कुल मांग को दर्शाता है, न कि कंपनी के खाते में आने वाली वास्तविक राशि को।

आईपीओ की बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद शेयर आवंटन निर्धारित नियमों और उपलब्ध शेयरों की संख्या के आधार पर किया जाएगा।

Jio IPO Subscription: QIB कैटेगरी में 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में सबसे अधिक मांग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB श्रेणी में देखने को मिली।

इस श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 70.55 गुना बोलियां प्राप्त हुईं।

QIB श्रेणी में आमतौर पर म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक और अन्य पात्र संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं।

इन निवेशकों की भागीदारी किसी आईपीओ के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि वे बड़े निवेश निर्णय लेने से पहले विभिन्न वित्तीय और व्यावसायिक पहलुओं का मूल्यांकन करते हैं।

हालांकि, संस्थागत निवेशकों की अधिक मांग भविष्य में शेयर की कीमत बढ़ने या निवेश पर लाभ मिलने की गारंटी नहीं होती।

जियो आईपीओ में गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII की श्रेणी भी लगभग 14 गुना सब्सक्राइब हुई।

इसके अतिरिक्त रिलायंस शेयरधारकों के लिए निर्धारित कोटा 7.60 गुना और कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि आईपीओ की विभिन्न निवेशक श्रेणियों में उपलब्ध शेयरों से अधिक मांग दर्ज की गई।

Jio IPO Subscription: रिटेल निवेशकों ने 23 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए लगाई बोली

जियो आईपीओ में आम निवेशकों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।

रिटेल श्रेणी में लगभग 8.5 करोड़ शेयर उपलब्ध थे, जबकि निवेशकों ने 23 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।

इस तरह रिटेल कैटेगरी 2.72 गुना सब्सक्राइब हुई।

रिटेल निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि उन्हें शेयरों का आवंटन मिलेगा या नहीं।

आईपीओ में अधिक सब्सक्रिप्शन होने पर सभी आवेदकों को शेयर मिलना संभव नहीं होता। शेयरों का आवंटन वैध आवेदनों, न्यूनतम आवेदन लॉट और लागू आवंटन प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।

इसलिए 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन को सीधे किसी एक निवेशक के शेयर मिलने की संभावना के रूप में नहीं समझना चाहिए।

आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन निवेशकों को शेयर मिले हैं।

Jio IPO Subscription: 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट, 28 अक्टूबर को लिस्टिंग प्रस्तावित

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की बोली प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब शेयर आवंटन की तैयारी है।

जारी कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 को शेयरों के आवंटन को अंतिम रूप दिया जाना प्रस्तावित है।

इसके बाद 27 अक्टूबर को सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट किए जाने हैं।

जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके आवेदन से संबंधित अवरुद्ध राशि नियमानुसार जारी की जाएगी।

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर प्रस्तावित है।

लिस्टिंग के दिन शेयर किस कीमत पर कारोबार शुरू करेंगे, यह बाजार की परिस्थितियों और उस समय उपलब्ध मांग तथा आपूर्ति पर निर्भर करेगा।

आईपीओ में भारी सब्सक्रिप्शन मिलने के बावजूद लिस्टिंग पर लाभ निश्चित नहीं होता।

Jio IPO Subscription: वारी एनर्जीज का रिकॉर्ड भी टूटा

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की एक बड़ी उपलब्धि आवेदनों की संख्या से जुड़ी है।

इससे पहले अक्टूबर 2024 में वारी एनर्जीज के आईपीओ को 97.34 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे।

उस समय आवेदनों की संख्या के आधार पर यह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड था।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त होने के बाद यह आंकड़ा पीछे छूट गया।

दोनों आईपीओ के बीच लगभग 40 लाख से अधिक आवेदनों का अंतर है।

प्रतिशत के आधार पर जियो को वारी एनर्जीज की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

हालांकि, आवेदनों की संख्या का रिकॉर्ड और कुल इश्यू साइज के आधार पर सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड अलग-अलग मानक हैं।

जियो आईपीओ के संदर्भ में जारी आंकड़ों में ₹30,213 करोड़ का इश्यू साइज और 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन प्रमुख उपलब्धियों के रूप में सामने आए हैं।

Jio IPO Subscription:  आकाश अंबानी के जन्मदिन पर पूरी हुई ऐतिहासिक बोली प्रक्रिया

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की क्लोजिंग का दिन कंपनी के लिए एक और वजह से खास रहा।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी का जन्मदिन भी था।

इसी दिन कंपनी के आईपीओ की तीन दिवसीय बोली प्रक्रिया समाप्त हुई और आवेदनों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया।

जियो प्लेटफॉर्म्स देश के डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।

कंपनी की सेवाओं का विस्तार मोबाइल कनेक्टिविटी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ब्रॉडबैंड और विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों तक है।

ऐसे में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को भारतीय शेयर बाजार और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं में देखा जा रहा है।

Jio IPO Subscription: निवेशकों के लिए अब क्या महत्वपूर्ण है?

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण शेयर आवंटन है।

जिन निवेशकों ने आवेदन किया है, वे आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकृत रजिस्ट्रार और संबंधित एक्सचेंज के माध्यम से अपना अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे।

सफल आवेदकों के डीमैट खातों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शेयर क्रेडिट किए जाएंगे।

इसके बाद लिस्टिंग के दिन बाजार में शेयरों की कीमत तय होगी।

निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आईपीओ में बड़ी संख्या में आवेदन आने या अधिक सब्सक्रिप्शन होने से शेयर की भविष्य की कीमत का अनुमान निश्चित रूप से नहीं लगाया जा सकता।

शेयर बाजार में निवेश से जुड़े निर्णय कंपनी की वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन, जोखिम और व्यक्तिगत निवेश उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।

Jio IPO Subscription:  जियो IPO ने भारतीय शेयर बाजार में बनाया नया रिकॉर्ड

जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के आईपीओ ने आवेदनों की संख्या और निवेशकों की मांग के मामले में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

तीन दिनों में 1.38 करोड़ से अधिक आवेदन, 22 गुना से ज्यादा कुल सब्सक्रिप्शन और लगभग ₹7.40 लाख करोड़ की बोलियां इस आईपीओ के प्रमुख आंकड़े रहे।

QIB श्रेणी में 70.55 गुना, NII श्रेणी में लगभग 14 गुना और रिटेल श्रेणी में 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।

अब बाजार की नजर 26 अक्टूबर को प्रस्तावित शेयर आवंटन और 28 अक्टूबर को होने वाली लिस्टिंग पर रहेगी।

इन दोनों चरणों के बाद यह स्पष्ट होगा कि निवेशकों को शेयरों का आवंटन किस प्रकार हुआ और जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की बाजार में शुरुआत कैसी रही।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.