जय कृष्ण उपाध्याय की इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सिफारिश: मीरजापुर के लिए गर्व का क्षण
- रिपोर्ट- मंजय वर्मा
मीरजापुर जनपद के खैरा गांव के निवासी श्री जय कृष्ण उपाध्याय को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद के लिए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम द्वारा सिफारिश किए जाने की खबर ने न केवल उनके परिवार और गांव, बल्कि पूरे मीरजापुर को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि जय कृष्ण उपाध्याय की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है, जो मीरजापुर के लिए एक ऐतिहासिक पल है और दर्शाता है कि मेहनत से कोई लक्ष्य असंभव नहीं।जनपद मिर्जापुर की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा जय कृष्ण उपाध्याय का जन्म मीरजापुर के खैरा गांव में स्वर्गीय जटाशंकर उपाध्याय के घर हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के परिषदीय विद्यालय में हुई, जहां से उन्होंने अपनी नींव मजबूत की। इसके बाद उन्होंने मौनी स्वामी इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने प्रयागराज विश्वविद्यालय से स्नातक और विधि (एलएल.बी.) की डिग्री हासिल की। उनकी शैक्षिक यात्रा और कानूनी क्षेत्र में समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
कानूनी क्षेत्र में योगदान
2009 से जय कृष्ण उपाध्याय इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपर शासकीय अधिवक्ता (क्रिमिनल) के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने अपनी कानूनी विशेषज्ञता और निष्पक्षता से ध्यान आकर्षित किया। उनकी मेहनत ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की नजर में लाया, जिसने 1 सितंबर 2025 को हुई बैठक में उनके नाम को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सिफारिश की। कोलेजियम ने 12 वकीलों और 14 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा, जिसमें जय कृष्ण उपाध्याय का नाम शामिल था। वर्तमान में यह सिफारिश केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा में है, और 5 सितंबर 2025 तक कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी को देखते हुए 26 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। इस सिफारिश में जय कृष्ण उपाध्याय के साथ-साथ विवेक सरन, अदनान अहमद, विवेक कुमार सिंह, गरिमा प्रसाद, सुधांशु चौहान, अवधेश कुमार चौधरी, स्वरूपमा चतुर्वेदी, सिद्धार्थ नंदन, कुनाल रवि सिंह, इंद्रजीत शुक्ला और सत्य वीर सिंह जैसे अन्य वकीलों के नाम शामिल थे। यह सिफारिश स्वीकार होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।मीरजापुर में उत्साह का माहौल जय कृष्ण उपाध्याय की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव खैरा में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार और क्षेत्रवासियों के बीच जश्न का माहौल है।
लोग उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं और मिठाइयां बांटकर खुशियां मना रहे हैं। जय कृष्ण ने दूरभाष पर बताया कि उनकी नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने अनुमोदन भेजा है और अब केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।परिवार की गौरवशाली परंपरा जय कृष्ण उपाध्याय का परिवार पहले से ही न्याय और प्रशासन के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ चुका है। उनके बड़े भाई रामकृष्ण उपाध्याय लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनके अन्य भाई श्रीकृष्ण उपाध्याय राजगढ़ ब्लॉक में एडीओ पंचायत के रूप में कार्यरत हैं।
यह परिवार न केवल मीरजापुर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
जय कृष्ण उपाध्याय की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। महासंघ का मानना है कि उनकी यह सिफारिश न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह समुदाय के लिए भी एक गौरवपूर्ण क्षण है। उनकी नियुक्ति से न्यायपालिका में निष्पक्षता और समर्पण के मूल्यों को बल मिलेगा।भविष्य की उम्मीदें जय कृष्ण उपाध्याय की नियुक्ति से इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। उनकी कानूनी विशेषज्ञता और अनुभव उत्तर प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करेगा। मीरजापुर के लोग अब केंद्र सरकार के अंतिम अनुमोदन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि जय कृष्ण उपाध्याय आधिकारिक रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपना कार्यभार संभाल सकें।
जय कृष्ण उपाध्याय की इस उपलब्धि ने मीरजापुर के खैरा गांव को देश के नक्शे पर एक नई पहचान दी है। उनकी मेहनत, लगन और कानूनी क्षेत्र में योगदान युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मीरजापुर की जनता उनके उज्ज्वल भविष्य और न्यायिक क्षेत्र में योगदान की कामना करती है। एक बार फिर, जय कृष्ण उपाध्याय को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!
