पंजाब के 15 ज़िलों में किसान-मज़दूरों का विशाल मोटरसाइकिल मार्च, 20 अगस्त को महा रैली में लाखों के जुटने का ऐलान

पंजाब: किसान मज़दूर जत्थेबंदी की ओर से किसान मज़दूर मोर्चे के आह्वान पर 11 अगस्त को पूरे पंजाब के 15 ज़िलों में विशाल मोटरसाइकिल मार्च निकाला गया। यह आंदोलन लैंड पुलिंग स्कीम के तहत ज़मीन न देने और अन्य किसान-मज़दूर मुद्दों को लेकर किया गया है।

किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के सूबा नेता श्री सरवन सिंह पंधेर ने लिखित बयान में कहा कि पंजाब में “सुपर मुख्यमंत्री” केजरीवाल ने कॉर्पोरेट जगत और केंद्र सरकार की इच्छाओं को पूरा करने के लिए किसानों की 65,533 एकड़ उपजाऊ ज़मीन अधिग्रहित कर ली है, जबकि अब 1 लाख एकड़ और ज़मीन “इंडस्ट्रियल पार्क” के नाम पर छीनी जाने की तैयारी है।

उन्होंने कहा कि इन ज़बरदस्त कदमों का विरोध करने के लिए पंजाब के 15 ज़िलों — मोगा, मुक्तसर, फाजिल्का, जलालाबाद, फिरोज़पुर, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, रूपनगर, पटियाला और बठिंडा — में हज़ारों किसान, मज़दूर और महिलाएँ मार्च में शामिल होकर ज़मीन न देने का ऐलान कर रहे हैं।

किसान नेता ने चेतावनी दी कि केजरीवाल और उनकी टीम को पुलिस और फौज के साथ भी किसानों की ज़मीनों में घुसने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे पर 20 अगस्त को ज़िला जालंधर के गाँव कुक्कड़ की दाना मंडी में महा रैली होगी, जिसमें 1 लाख से अधिक किसान, मज़दूर, महिलाएँ और युवा शामिल होकर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेंगे।

गाँवों में प्रस्ताव पास कर यह तय किया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी, अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा के किसी भी नेता को गाँवों में घुसने नहीं दिया जाएगा और इसके लिए गाँवों में बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बिजली कर्मचारियों के निजीकरण विरोधी आंदोलन को किसान-मज़दूर जत्थेबंदी पूरा समर्थन दे रही है और किसी भी हालत में चिप वाले मीटर नहीं लगाए जाने देंगे। साथ ही, किसानों-मज़दूरों का कर्ज़ माफ करने, शंभू और खन्नौरी बॉर्डरों पर हुए 3 करोड़ 77 लाख रुपए के सामान के नुक़सान की भरपाई करने और आबादकार किसानों को स्थायी मालिकाना हक़ देने की माँग भी दोहराई गई।

 

 

 

 

 

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