Drumstick Plant: अगर आपको घर में पेड़-पौधे लगाने का शौक है, तो सहजन यानी मोरिंगा का पौधा आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे ड्रमस्टिक ट्री भी कहा जाता है। इसकी फलियों से सब्जी बनाई जाती है, जबकि पत्तियों का इस्तेमाल दाल, सूप, पराठे और दूसरी डिशेज में किया जाता है। अच्छी बात यह है कि अनुकूल मौसम और सही देखभाल मिलने पर सहजन को घर के आंगन, छत या बड़े गमले में भी उगाया जा सकता है।
Drumstick Plant: सहजन का पौधा गर्म मौसम और पर्याप्त धूप में अच्छी तरह बढ़ता है। इसे लगाने के लिए बहुत बड़ी जगह होना जरूरी नहीं, लेकिन इसकी जड़ों के विकास के लिए पर्याप्त गहराई वाला गमला और पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था जरूरी है। अगर आप भी घर पर ताजा सहजन की पत्तियां और फलियां पाना चाहते हैं, तो पौधा लगाने से लेकर उसकी देखभाल तक इन बातों का ध्यान रखें।
Drumstick Plant: घर पर सहजन का पौधा लगाने के लिए क्या चाहिए?
सहजन का पौधा लगाने से पहले जरूरी सामान तैयार कर लें। इससे बीज बोने या डंठल लगाने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
- सहजन के स्वस्थ बीज या उपयुक्त डंठल
- गहरा और बड़ा गमला
- अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी
- पुरानी सड़ी हुई जैविक खाद या कम्पोस्ट
- पानी देने के लिए कैन
- पर्याप्त धूप वाली जगह
गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए। यदि पानी लंबे समय तक मिट्टी में जमा रहता है, तो जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। गमले का आकार पौधे की किस्म और उपलब्ध जगह के हिसाब से चुनें। सहजन तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, इसलिए समय के साथ इसे ज्यादा जगह की जरूरत पड़ सकती है।
Drumstick Plant: बीज से कैसे उगाएं सहजन का पौधा?
सहजन का पौधा बीज से उगाना आसान तरीका है। इसके लिए स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले बीज चुनें। बीज बोने से पहले उन्हें कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोना एक उपयोगी विकल्प हो सकता है, हालांकि यह हर स्थिति में अनिवार्य नहीं है।
बीज लगाने का तरीका:
1. सबसे पहले गमले में अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी भरें।
2. मिट्टी में थोड़ा कम्पोस्ट मिलाएं, ताकि शुरुआती विकास के लिए पोषक तत्व उपलब्ध रहें।
3. मिट्टी में लगभग एक इंच गहरा गड्ढा बनाएं।
4. उसमें सहजन का बीज डालकर ऊपर से हल्की मिट्टी ढक दें।
5. मिट्टी को हल्का पानी दें। पानी इतना न डालें कि गमले में जलभराव हो जाए।
6. गमले को ऐसी जगह रखें, जहां पर्याप्त रोशनी और धूप मिलती हो।
7. मिट्टी की नमी नियमित रूप से जांचें और जरूरत के अनुसार पानी दें।
अनुकूल तापमान और नमी में बीज कुछ दिनों से लेकर एक-दो सप्ताह के भीतर अंकुरित हो सकते हैं। हालांकि, अंकुरण का समय बीज की गुणवत्ता, मौसम और मिट्टी की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि कई बीज लगाए हैं, तो पौधे निकलने के बाद स्वस्थ पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह दें।
यह भी पढ़ें- Divya Mittal Jan Niti Bharat: पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई ‘जन नीति भारत’ पार्टी, यूपी चुनाव में उतरने का ऐलान
Drumstick Plant: डंठल से भी लगा सकते हैं सहजन का पौधा
सहजन को बीज के अलावा उपयुक्त डंठल से भी उगाया जा सकता है। इस तरीके में स्वस्थ और परिपक्व शाखा का चुनाव महत्वपूर्ण है। डंठल में सड़न या बीमारी के लक्षण नहीं होने चाहिए।
डंठल लगाने के लिए ऐसी मिट्टी चुनें जिसमें पानी आसानी से निकल सके। इसे मिट्टी में मजबूती से लगाएं और शुरुआत में मिट्टी को हल्का नम रखें। जरूरत से ज्यादा पानी देने से डंठल सड़ सकता है। पौधे को तेज गर्मी के शुरुआती तनाव से बचाने के लिए मौसम और स्थान के अनुसार देखभाल करें।
डंठल से पौधा तैयार होने की सफलता उसकी उम्र, मोटाई, मौसम और नमी पर निर्भर करती है। इसलिए हर डंठल से पौधा तैयार हो जाए, इसकी गारंटी नहीं होती। नए बागवानों के लिए बीज से पौधा लगाना भी एक अच्छा विकल्प है।
Drumstick Plant: सहजन के पौधे के लिए कैसी मिट्टी सबसे अच्छी है?
सहजन की अच्छी बढ़त के लिए ऐसी मिट्टी जरूरी है जिसमें पानी जमा न हो। सामान्य बगीचे की मिट्टी में कम्पोस्ट और थोड़ी मोटी रेत मिलाकर मिश्रण तैयार किया जा सकता है। इससे मिट्टी की संरचना और जल निकासी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
गमले में बहुत भारी और लगातार गीली रहने वाली मिट्टी का इस्तेमाल करने से बचें। पौधे की जड़ों को हवा और पानी के संतुलन की जरूरत होती है। मिट्टी में पानी डालने के बाद यदि वह लंबे समय तक ऊपर जमा रहता है, तो जल निकासी की व्यवस्था जांचें।
समय-समय पर मिट्टी की ऊपरी सतह को हल्का ढीला किया जा सकता है, लेकिन जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। पौधे की बढ़त धीमी होने पर पहले धूप, पानी, गमले की जगह और मिट्टी की स्थिति जांचना उपयोगी रहेगा।
Drumstick Plant: रोज कितनी धूप और पानी चाहिए?
सहजन गर्म मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है और इसे पर्याप्त धूप की जरूरत होती है। घर में पौधा लगाने के लिए छत, खुला आंगन या धूप वाली बालकनी बेहतर जगह हो सकती है। आम तौर पर रोज करीब 6 से 8 घंटे धूप मिलने से पौधे की बढ़त में मदद मिलती है।
पानी देने के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। पौधे के शुरुआती विकास के दौरान मिट्टी को हल्का नम रखें, लेकिन लगातार गीला न रहने दें। पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत जांचें। यदि मिट्टी अभी भी नम है, तो तुरंत दोबारा पानी देने की जरूरत नहीं हो सकती।
गर्मी में मिट्टी जल्दी सूख सकती है, जबकि बरसात या ठंडे मौसम में पानी की जरूरत कम हो सकती है। इसलिए रोज एक निश्चित मात्रा में पानी देने के बजाय मिट्टी की नमी और मौसम के अनुसार निर्णय लें।
Drumstick Plant: पौधे को घना बनाने के लिए करें सही छंटाई
सहजन का पौधा अनुकूल परिस्थितियों में काफी ऊंचा हो सकता है। यदि इसे गमले में उगा रहे हैं, तो समय-समय पर इसकी छंटाई करना उपयोगी हो सकता है। सही समय पर छंटाई से पौधे की ऊंचाई को नियंत्रित करने और नई शाखाओं को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
छंटाई करते समय सूखी, कमजोर या क्षतिग्रस्त शाखाओं को हटाया जा सकता है। स्वस्थ पौधे की बहुत ज्यादा कटाई एक साथ न करें। छोटे पौधे को पर्याप्त मजबूत होने का समय दें और जरूरत के अनुसार ही शाखाएं काटें।
यदि पौधा बालकनी में रखा है, तो उसे ऐसी जगह रखें जहां उसकी शाखाएं लोगों के आने-जाने में बाधा न बनें। छत पर पौधा उगाते समय भी गमले की स्थिरता और आसपास की जगह का ध्यान रखें।
Drumstick Plant: सहजन के पौधे में कौन-सी खाद डालें?
सहजन की अच्छी बढ़त के लिए कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद का सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है। गमले की मिट्टी में समय-समय पर थोड़ी खाद मिलाने से पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है।
खाद की मात्रा पौधे की उम्र, गमले के आकार और मिट्टी की स्थिति के अनुसार रखें। जरूरत से ज्यादा खाद देने से पौधे की जड़ों को नुकसान हो सकता है। खाद डालने के बाद मिट्टी की नमी और पौधे की बढ़त पर नजर रखें।
यदि पत्तियों का रंग बदल रहा हो या पौधे की बढ़त रुक गई हो, तो केवल खाद बढ़ाना सही उपाय नहीं है। कम धूप, जरूरत से ज्यादा पानी, खराब जल निकासी या कीटों की समस्या भी इसकी वजह हो सकती है।
Drumstick Plant: सहजन की फलियां कितने समय में आने लगती हैं?
सहजन के पौधे में फलियां आने का समय उसकी किस्म, मौसम, मिट्टी और देखभाल पर निर्भर करता है। अनुकूल परिस्थितियों में कुछ पौधों में लगभग 6 से 10 महीने या उससे अधिक समय में फूल और फलियां आने लग सकती हैं। इसलिए बीज लगाने के ठीक पांच महीने बाद फलियां मिलने की गारंटी नहीं दी जा सकती।
पत्तियों को भी पौधे के पर्याप्त विकसित होने के बाद सीमित मात्रा में तोड़ा जा सकता है। शुरुआत में बहुत ज्यादा पत्तियां तोड़ने से बचें, क्योंकि पौधे को बढ़ने के लिए पत्तियों की जरूरत होती है।
जब फलियां विकसित हो जाएं, तो उन्हें उपयुक्त अवस्था में तोड़ा जा सकता है। फलियों का इस्तेमाल सब्जी और अन्य व्यंजनों में किया जाता है। पत्तियों को दाल, सूप और पराठे में भी शामिल किया जा सकता है।
Drumstick Plant: सहजन के पौधे में कीट लग जाएं तो क्या करें?
सहजन के पौधे पर कभी-कभी एफिड्स जैसे छोटे कीट दिखाई दे सकते हैं। पौधे की पत्तियों और नई शाखाओं को नियमित रूप से जांचें। यदि कीट नजर आएं, तो पहले प्रभावित हिस्से को पहचानें और पौधे की सामान्य स्थिति देखें।
पौधे की सफाई और उचित देखभाल बनाए रखें। किसी भी कीटनाशक या कीट नियंत्रण उत्पाद का इस्तेमाल करते समय उसके लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें। यदि पत्तियों पर तेजी से दाग बढ़ रहे हों या शाखाएं सूखने लगें, तो स्थानीय बागवानी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर हो सकता है।
fantabo 5 pes Plant Container Set (Pack of 5, Plastic)
Drumstick Plant: घर में सहजन उगाने के फायदे
सहजन की पत्तियों और फलियों का उपयोग कई भारतीय व्यंजनों में किया जाता है। इसकी पत्तियों में विटामिन, खनिज और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। फलियों को भी सब्जी के रूप में खाया जाता है। घर में पौधा होने से अनुकूल मौसम में ताजी पत्तियां और फलियां प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, सहजन को किसी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं मानना चाहिए। संतुलित आहार में इसकी पत्तियों और फलियों को शामिल किया जा सकता है, लेकिन किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या के उपचार के लिए केवल इस पौधे पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
अगर आप घर में सहजन उगाना चाहते हैं, तो शुरुआत एक बड़े गमले, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित पानी से करें। सही देखभाल और धैर्य के साथ यह पौधा आपके घरेलू किचन गार्डन का उपयोगी हिस्सा बन सकता है।
