हरियाणा विधानसभा विशेष सत्र: CM नायब सिंह सैनी का कांग्रेस पर हमला, बोले—नारी सम्मान के लिए लाया गया प्रस्ताव
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लाया गया प्रस्ताव किसी भी तरह का राजनीतिक या निंदा प्रस्ताव नहीं है, बल्कि यह माताओं और बहनों के मान-सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण को समर्पित है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता सदन में उपस्थित होने के बजाय विधानसभा की पार्किंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर “डुप्लीकेट विधानसभा” चला रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र और सदन की गरिमा का अपमान बताया और कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब विपक्ष ने सदन से बाहर इस तरह की गतिविधि की।
अर्जुन चौटाला के सवालों का जवाब
सीएम सैनी ने विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि यह व्यवहार महिलाओं, लोकतंत्र और संविधान—तीनों का अपमान है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस विधायक सरदार जरनैल सिंह ने खुद माना कि उनकी पार्टी की सोच में बदलाव की जरूरत है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती, तो महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ समय पर नहीं मिल पाता। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” लाया गया, ताकि महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने “दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना” का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक इसकी छह किस्तें लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी हैं और किसी भी पात्र परिवार का बीपीएल कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा।
विशेष सत्र नारी शक्ति को समर्पित
सीएम ने कहा कि हरियाणा विधानसभा का यह विशेष सत्र पूरी तरह नारी शक्ति को समर्पित है और सरकार लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है।
परिसीमन और आरक्षण पर विपक्ष को घेरा
केंद्र सरकार के हालिया विधेयकों का जिक्र करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि जनगणना और परिसीमन के बाद आरक्षण लागू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इसे जनगणना से अलग कर महिलाओं को समय पर लाभ देने की पहल की गई।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि परिसीमन को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाया गया। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा।
विधानसभा का यह विशेष सत्र राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच नारी सशक्तिकरण के मुद्दे पर केंद्रित रहा, जहां सरकार ने अपने कदमों को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जोड़कर पेश किया।
