गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा -पवन कुमार बंसल

गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा -पवन कुमार बंसल
 जय हरियाणा, जय जय  हरियाणा..रिटायर्ड एसीएस हरियाणा ,कवियत्री  एवं हमारी जागरूक पाठक धीरा खंडेलवाल के  सौजन्य से.. जय हरियाणा , जय जय हरियाणा
….
खुशियां भर भर थाली
बरसाये धरा हरियाली
प्रदेश यह वीर किसानों का
रहें खेत कभी न खाली 
जय हरियाणा, जय जय हरियाणा
हरियाणा है नहीं आज का,
सबसे पुरातन संस्कृति
यहीं निकलती सरस्वती 
और 
सभ्यता राखीगढ़ी वाली
जय हरियाणा, जय जय हरियाणा
देश- प्रेम के जज्बे से
ओत-प्रोत है जन मानस 
वीर सपूतों की है माटी
सरहदें जिन्होंने संभाली
जय हरियाणा, जय जय हरियाणा
हरियाणा का गीत सनातन
‘गीता’ करती जन-मन उज्ज्वल
यहीं चमकती इतिहासों की
शमशीरें हिम्मत वाली
जय हरियाणा, जय जय हरियाणा
हुनरमंद हैं युवा हमारे
खेल जगत में छाये
उद्योगों में शान देश की 
निखरी छवि निराली
जय हरियाणा, जय जय हरियाणाi 

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