गुरु प्रदोष व्रत आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

  • रिपोर्ट: प्राची सिंह

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। यही वजह है कि भक्त भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत रखते हैं। गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष कहा जाता है। इस बार गुरु प्रदोष व्रत 28 मई को रखा जा रहा है।

गुरु प्रदोष व्रत 2026 शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 मई सुबह 7 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर 29 मई सुबह 9 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। ऐसे में गुरु प्रदोष व्रत 28 मई को रखा जाएगा।

प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद की जाती है। बताया जा रहा है कि आज प्रदोष काल शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर रात 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस शुभ समय में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

गुरु प्रदोष व्रत पूजा विधि
गुरु प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक करें और उन्हें बेलपत्र, धतूरा व अक्षत अर्पित करें। इसके बाद दिनभर व्रत रखें।

शाम को पूजा के लिए चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर शिव-पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। फिर प्रदोष काल में भगवान शिव को चंदन का तिलक और माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर भोग लगाएं, प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें और अंत में शिव आरती करें।

मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव प्रसन्न मुद्रा में रहते हैं और सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और आस्थाओं पर आधारित है। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.