Gurdeep Singh Randhawa: श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे जर्मन राजनीतिक नेता सरदार गुरदीप सिंह रंधावा, नतमस्तक होकर लिया आशीर्वाद
जर्मनी की सत्तारूढ़ दल CDU में भारतीय समुदाय के पहले पगड़ीधारी प्रतिनिधि बने रंधावा।
Gurdeep Singh Randhawa: भारतीय मूल के प्रमुख जर्मन राजनीतिक नेता सरदार गुरदीप सिंह रंधावा (जिन्हें क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन – CDU पार्टी द्वारा भारतीय समुदाय का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है) हाल ही में पंजाब दौरे के दौरान श्री हरिमंदिर साहिब (अमृतसर) पहुंचे। उन्होंने पवित्र सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने जर्मनी में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व, युवाओं के विदेश पलायन (माइग्रेशन), और बंदी सिंहों की रिहाई जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
Gurdeep Singh Randhawa: जर्मनी की राजनीति में भारतीय समुदाय की बढ़ती पहचान
मीडिया से बात करते हुए गुरदीप सिंह रंधावा ने बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से जर्मनी में सक्रिय राजनीति से जुड़े हुए हैं। वे जर्मनी की संसद (MP) का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे भारतीय और विशेषकर सिख समुदाय के लिए गौरव की बात है कि पहली बार एक दस्तारधारी (पगड़ीधारी) सिख को जर्मनी की प्रमुख राजनीतिक पार्टी (CDU) में इतनी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी और पहचान मिली है। उनकी इस नियुक्ति के बाद जर्मनी में भारतीय समुदाय के कई अन्य लोग भी स्थानीय निकायों और काउंसिल स्तर पर राजनीति में आगे आ रहे हैं।
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Gurdeep Singh Randhawa: युवाओं के माइग्रेशन और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर
पंजाब से युवाओं के बड़े पैमाने पर विदेश जाने के मुद्दे पर बोलते हुए रंधावा ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के युवा विदेश पढ़ाई पूरी करने या अच्छे जॉब प्रोफाइल के उद्देश्य से जाते हैं, जबकि पंजाब के अधिकांश युवा सही तैयारी और स्किल के बिना ही विदेश चले जाते हैं।

उन्होंने पंजाब के युवाओं और उनके अभिभावकों को सलाह देते हुए कहा:
”पंजाब के युवाओं को विदेश जाने से पहले भारत में ही अपनी पढ़ाई, व्यावसायिक प्रशिक्षण (Skill Training) और जर्मन भाषा (B1 या C1 स्तर) का कोर्स पूरा करना चाहिए। यदि युवा पूरी तैयारी और भाषा सीखकर जर्मनी या यूरोप आएंगे, तो उनका भविष्य बहुत उज्ज्वल होगा। बिना तैयारी के आने से युवाओं और उनके माता-पिता को भारी आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।”
उन्होंने इस दिशा में पंजाब सरकार और समाज के प्रबुद्ध लोगों से भी युवाओं को सही मार्गदर्शन और ट्रेनिंग देने की अपील की।

Gurdeep Singh Randhawa: यूरोप में माइग्रेशन और अर्थव्यवस्था की स्थिति
जर्मनी और यूरोप में वर्तमान राजनीतिक व आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए रंधावा ने बताया कि सीरिया, अफगानिस्तान और हाल ही में यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोप में शरणार्थियों (माइग्रेंट्स) की संख्या काफी बढ़ी है। इसका सीधा असर जर्मनी और पूरे यूरोप की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जिससे वहां दक्षिणपंथी (Right-wing) पार्टियों का प्रभाव बढ़ रहा है।
Gurdeep Singh Randhawa: बंदी सिंहों की रिहाई की मांग
संवेदनशील राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरदार रंधावा ने ‘बंदी सिंहों’ (सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों) की रिहाई की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि वे खुद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। जिन सिख कैदियों ने अपनी कानूनन सजा पूरी कर ली है और जिनसे अब समाज या सरकार को कोई सुरक्षा खतरा नहीं है, उन्हें भारतीय संविधान और न्याय व्यवस्था के नियमों के तहत रिहा किया जाना चाहिए।
अंत में, उन्होंने कहा कि गुरु रामदास जी की कृपा से वे जब भी भारत आते हैं, श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होकर आशीर्वाद अवश्य लेते हैं।
