GRSE, कोचीन शिपयार्ड और मझगांव डॉक के शेयरों में जबरदस्त उछाल, 18% तक चढ़े शेयर; जानें वजह

GRSE का मुनाफा दोगुना हुआ, कोचीन-एचडी हुंडई जॉइंट वेंचर की खबर और मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा

नई दिल्ली। बुधवार को रक्षा क्षेत्र की तीन प्रमुख शिपयार्ड कंपनियों — गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। GRSE के शेयरों में सबसे अधिक 18.25% की तेजी दर्ज की गई और इसका शेयर ₹2,264.65 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

GRSE का मुनाफा मार्च तिमाही में दोगुना
GRSE के शेयरों में उछाल की प्रमुख वजह कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजे रहे, जिसमें कंपनी का मुनाफा ₹224 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹112 करोड़ के मुकाबले दोगुना है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं चेयरमैन हरि पी. आर. ने कहा कि चल रहे प्रोजेक्ट्स की उत्पादन परिपक्वता और मजबूत ऑर्डर विजिबिलिटी, खासकर कमर्शियल शिपबिल्डिंग सेगमेंट में, इस वित्त वर्ष में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद को बल देती है।

कोचीन शिपयार्ड में 13.94% की तेजी, तमिलनाडु में नया शिपयार्ड बनने की संभावना
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयरों में 13.94% की तेजी आई और यह ₹1,797.10 तक पहुंच गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ₹10,000 करोड़ के निवेश से कोचीन शिपयार्ड और दक्षिण कोरिया की एचडी हुंडई के बीच एक जॉइंट वेंचर के तहत तूतीकोरिन (तमिलनाडु) में एक नया शिपयार्ड स्थापित किया जा सकता है। यह पहल भारत की वैश्विक शिपबिल्डिंग हिस्सेदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है।

मझगांव डॉक के शेयर भी 4.29% चढ़े
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) के शेयरों में भी 4.29% की बढ़त रही और यह शेयर ₹3,131 पर कारोबार कर रहा था।

रक्षा ऑर्डर्स तीन गुना होने की उम्मीद, Antique का बाय रेटिंग
Antique स्टॉक ब्रोकिंग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दो वर्षों में सूचीबद्ध रक्षा शिपयार्ड कंपनियों के ऑर्डर बुक्स तीन गुना तक बढ़ सकते हैं।

रिपोर्ट में GRSE और मझगांव डॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी गई है, जबकि कोचीन शिपयार्ड पर ‘होल्ड’ रेटिंग दी गई है।

Antique का मानना है कि इन कंपनियों के FY27 के कोर अर्निंग्स पर 45 गुना वैल्यूएशन तक व्यापार हो सकता है, जो रक्षा शिपबिल्डिंग सेक्टर की दीर्घकालीन संभावनाओं को दर्शाता है।

IAC-II को लेकर अनिश्चितता, कोचीन पर सतर्क रुख
Antique ने कोचीन शिपयार्ड पर सतर्क रुख अपनाया है, क्योंकि दूसरे स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर (IAC-II) के ऑर्डर को लेकर स्पष्टता नहीं है। न तो उसकी आवश्यकताओं पर सहमति बनी है, और न ही तत्काल जरूरत पर।

₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा ऑर्डर FY26–27 में संभावित
Antique ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) अगले दो वर्षों में ₹2.12 लाख करोड़ के ऑर्डर्स जारी कर सकती है।

इनमें शामिल है:

मझगांव डॉक को तीन कलवरी-क्लास पनडुब्बियों के लिए ₹36,000 करोड़ का रिपीट ऑर्डर, जो FY26 में दिए जाने की संभावना है।

P75I प्रोजेक्ट, जिसमें AIP सिस्टम से लैस छह पारंपरिक पनडुब्बियों का निर्माण होगा। यह ₹70,000 करोड़ का ऑर्डर प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से दिया जाएगा।

रक्षा शिपयार्ड कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है, जिसकी वजह मजबूत तिमाही नतीजे, संभावित जॉइंट वेंचर, और आने वाले बड़े रक्षा ऑर्डर्स हैं। इस सेक्टर में दीर्घकालिक अवसर नजर आ रहे हैं, हालांकि कुछ प्रोजेक्ट्स में देरी की आशंका भी बनी हुई है।

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