गवर्नर, केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेताओं ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मुआवज़े की मांग रखी

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा – बीमारियाँ और चारे की कमी सबसे बड़ी चुनौती, केंद्र से पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी

अमृतसर – हलका अजनाला के रमदास, घोनेवाल और अन्य कई बाढ़ प्रभावित गांवों में आज पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी के अन्य नेताओं ने दौरा किया। उनके साथ रवनीत सिंह बिट्टू, तरुण चुग, सुनील जाखड़ और अन्य नेता भी मौजूद थे। दौरे के दौरान ग्रामीणों ने अपनी परेशानियाँ साझा कीं और मुआवज़े की मांग उठाई।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाक़ात कर स्पष्ट कहा कि बाढ़ की वजह से लोग भारी संकट में हैं, लेकिन अभी तक कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा, “जब मंत्री आते हैं तो लोगों को उम्मीद रहती है कि वे खाली हाथ न लौटें। लोगों को वास्तविक मदद की ज़रूरत है।”

वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह इलाका सबसे अधिक प्रभावित है। पानी कम होने के बाद ही असली नुकसान सामने आ रहा है। उन्होंने बताया कि फसलें सिर्फ़ तबाह नहीं हुईं, बल्कि अगली बुवाई भी मुश्किल हो चुकी है। “जानवरों की मौतें, चारे की कमी और बीमारियों का फैलना सबसे बड़ी चिंता है,” बिट्टू ने कहा।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष तौर पर मंत्रियों को भेजा है ताकि वे मौके पर जाकर हालात का जायज़ा ले सकें और एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर केंद्र को भेजें। आने वाले दिनों में केंद्रीय टीमें पूरा सर्वे कर चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के साथ बैठक करेंगी।

दौरे के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सहायता केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से लोगों तक पहुँचे। बीजेपी नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर मुआवज़े और सहायता की प्रक्रिया के लिए ठोस प्रणाली बनाएँगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें तुरंत मदद की आवश्यकता है क्योंकि घरों, फसलों और पशुओं के नुकसान ने उनकी ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। केंद्रीय मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि पंजाब को इस संकट की घड़ी में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

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