ब्लॉक ऐलनाबाद की शरीरदानी स्वर्गीय कमलेश रानी को नम आंखों से दी अंतिम विदाई

अंतिम यात्रा में गूंजे शरीरदानी कमलेश रानी अमर रहे के नारे

Ellenabad, August 18 (एम पी भार्गव): ऐलनाबाद के वार्ड नंबर 7 निवासी 66 वर्षीय कमलेश इन्सां के निधन के बाद उनके परिजनों ने अनुकरणीय पहल करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान कर दी। परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की देहदान की शिक्षा से प्रेरित होकर अमर सेवा मुहिम के तहत यह देहदान किया। कमलेश की देह उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज पिलखुआ में मेडिकल शोध कार्यों के लिए दान की गई।

कमलेश के परिजनों की इस पहल ने समाज के सामने मानवता एवं सामाजिक सरोकार से जुड़ी सेवा का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। इस दौरान ऐलनाबाद ब्लॉक सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साध-संगत, परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। इससे पहले कमलेश रानी इन्सां के आवास पर साध-संगत ने अरदास का शब्द बोलकर दिवंगत देह को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में देह को रखा गया और आवास से ममेरा रोड होते हुए मुख्य बाजार तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई।

अंतिम विदाई यात्रा के दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों, साध-संगत, परिजनों और ग्रामीणों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, कमलेश रानी इन्सां तेरा नाम रहेगा तथा शरीरदानी कमलेश रानी इन्सां अमर रहे जैसे नारे लगाकर आसमान गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर ब्लॉक ऐलनाबाद सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार भाई-बहन व साध-संगत मौजूद रही।

बेटा-बेटी एक समान की शिक्षा का दिखा दिया संदेश
सचखंडवासी देहदानी कमलेश की अंतिम विदाई के दौरान डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान की शिक्षा का साक्षात उदाहरण देखने को मिला। अंतिम यात्रा में उनकी पुत्रवधू सोनिया, मन्जू, अनिता,निशा पुत्री शिल्पा रानी, पौती साक्षी, कंचन पुत्र सोनू, सुशील ,पवन व रिंकू इन्सां ने अर्थी को कंधा देकर समाज को बेटियों और बहुओं को समान अधिकार एवं सम्मान देने का सशक्त संदेश दिया। परिजनों की इस पहल की उपस्थित साध-संगत और ग्रामीणों ने सराहना की।

देहदान से समाज को दिया प्रेरक संदेश
ऐलनाबाद के नगर पार्षद सत्यनारायण पांडिया व सुभाष चंद्र ने कहा कि कमलेश रानी इन्सां के परिजनों द्वारा देहदान का निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायी पहल है। देहदान से मेडिकल शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा मिलता है और भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक अध्ययन करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि कमलेश रानी इन्सां के परिवार ने सामाजिक सरोकार से जुड़ी सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो अन्य लोगों को भी देहदान के लिए प्रेरित करेगा।

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