ऐलनाबाद का आधार सेंटर वीरान जगह पर, नशेड़ियों का अड्डा बनने का आरोप; लोगों में रोष
ऐलनाबाद में सचदेवा स्वीट्स के सामने वीरान नोहरा स्थित आधार सेंटर को लेकर लोगों में रोष है। स्थानीय लोगों ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए सेंटर को सुरक्षित बाजार क्षेत्र में शिफ्ट करने की मांग की है।
ऐलनाबाद, 25 अगस्त। (एमपी भार्गव) ऐलनाबाद में सचदेवा स्वीट्स के सामने स्थित वीरान नोहरा में बनाए गए आधार कार्ड सेंटर को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का आरोप है कि सुनसान जगह पर आधार सेंटर होने के कारण यहां नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे आधार संबंधी काम के लिए आने वाली महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
स्थानीय निवासी गोविंद चाचान ने समाजसेवियों और नगरपालिका चेयरमैन से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि आधार सेंटर ऐसी जगह होना चाहिए जहां लोगों की नियमित आवाजाही हो और महिलाओं को किसी तरह की असुरक्षा महसूस न हो। उन्होंने मांग की कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधार सेंटर को बाजार की किसी सुरक्षित और सुविधाजनक जगह पर स्थानांतरित किया जाए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेंटर के आसपास कथित तौर पर नशे का सेवन करने वाले लोगों का जमावड़ा रहता है। इसके अलावा कुछ लोग दिनभर ताश खेलते हैं और जुआ खेलने के आरोप भी लगाए गए हैं। लोगों के मुताबिक, इस वजह से कई बार विवाद और लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनती रहती है।
महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
लोगों का कहना है कि आधार कार्ड बनवाने या उसमें संशोधन कराने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां सेंटर पर आती हैं। ऐसे में सुनसान जगह पर सेंटर होने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सेंटर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।
पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से भी मामले का संज्ञान लेकर सुनसान स्थान पर असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाए तो इलाके में बने तनाव और रोष को कम किया जा सकता है।
लोगों की मांग है कि आधार सेंटर को किसी व्यस्त और सुरक्षित बाजार क्षेत्र में शिफ्ट किया जाए, ताकि आम नागरिकों को आधार संबंधी कार्य कराने में सुविधा हो और महिलाओं एवं बच्चियों को भी सुरक्षित माहौल मिल सके।
नोट: स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन या पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।
