Ganesh Chaturthi Special: गणेश चतुर्थी के पर्व पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। मान्यता है कि मोदक भगवान गणेश को बेहद प्रिय हैं। अगर आप इस गणेश चतुर्थी पर घर पर ही स्वादिष्ट मोदक बनाना चाहते हैं, तो चावल के आटे और नारियल-गुड़ की फिलिंग से तैयार होने वाले मोदक की यह आसान रेसिपी आजमा सकते हैं।
मोदक बनाने के लिए जरूरी सामग्री
मोदक के आटे के लिए
- 1 कप चावल का आटा
- 1 कप पानी
- 1 चम्मच घी
- एक चुटकी नमक
भरावन के लिए
- 1 कप कद्दूकस किया हुआ नारियल
- ¾ कप गुड़
- ½ चम्मच इलायची पाउडर
- 1 चम्मच घी
- थोड़े से कटे हुए काजू-बादाम
सबसे पहले तैयार करें मोदक की फिलिंग
मोदक बनाने के लिए सबसे पहले इसकी भरावन तैयार करनी होगी। इसके लिए एक कड़ाही में एक चम्मच घी गर्म करें और उसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर हल्का भून लें।
इसके बाद इसमें गुड़ डालें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक गुड़ पिघलकर नारियल के साथ अच्छी तरह मिल न जाए। अब इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए काजू-बादाम डालकर अच्छी तरह मिला लें।
मिश्रण को ज्यादा देर तक न पकाएं, क्योंकि फिलिंग ज्यादा गीली होने पर मोदक बनाने में परेशानी हो सकती है। तैयार मिश्रण को ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
मोदक का आटा कैसे तैयार करें?
अब एक बर्तन में एक कप पानी डालकर उसमें घी और एक चुटकी नमक मिलाएं। पानी में उबाल आने पर गैस धीमी कर दें और धीरे-धीरे चावल का आटा डालते हुए लगातार चलाते रहें।
आटा पानी को सोखने लगे तो गैस बंद कर दें और बर्तन को कुछ मिनट के लिए ढककर रख दें। जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तब इसे अच्छी तरह गूंथकर नरम आटा तैयार कर लें।
ध्यान रखें: आटा न तो बहुत ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ढीला। नरम आटा होने से मोदक आसानी से आकार में आएंगे और भाप में पकने के दौरान फटेंगे नहीं।
मोदक को आकार देने की आसान विधि
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई को हथेली पर रखकर उसे हल्का चपटा करें और किनारों को दबाते हुए छोटी कटोरी जैसा आकार दें।
इसके बीच में तैयार नारियल-गुड़ की फिलिंग रखें। अब किनारों पर हल्की-हल्की सिलवटें बनाते हुए उन्हें ऊपर की तरफ लाएं और सभी किनारों को जोड़कर मोदक का पारंपरिक आकार दें।
इसी तरह सभी मोदक तैयार कर लें।
भाप में पकाएं मोदक
अब स्टीमर या किसी गहरे बर्तन में पानी गर्म करें। स्टीमर की प्लेट पर थोड़ा घी लगाएं या केले का पत्ता रख दें, ताकि मोदक चिपके नहीं।
सभी मोदक प्लेट पर रखें और उन्हें लगभग 10-15 मिनट तक भाप में पकाएं। जब मोदक की बाहरी परत हल्की चमकदार और अच्छी तरह पक जाए, तो गैस बंद कर दें।
कुछ मिनट ठंडा होने के बाद मोदक को सावधानी से निकालें।
भगवान गणेश को लगाएं मोदक का भोग
तैयार मोदक को प्लेट में सजाकर भगवान गणेश को भोग लगाया जा सकता है। नारियल और गुड़ से तैयार यह मोदक स्वादिष्ट होने के साथ त्योहार के लिए पारंपरिक प्रसाद के रूप में भी अच्छा विकल्प है।
मोदक को भाप में क्यों पकाया जाता है?
भाप में पकाने से मोदक की बाहरी परत धीरे-धीरे पकती है और अंदर की नारियल-गुड़ की फिलिंग भी सुरक्षित रहती है। इस तरीके से मोदक बिना ज्यादा तेल के तैयार होते हैं और उनकी पारंपरिक बनावट भी बनी रहती है।
मोदक बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- चावल का आटा ताजा और अच्छी गुणवत्ता का इस्तेमाल करें।
- आटा गूंथते समय उसमें गांठें नहीं रहनी चाहिए।
- फिलिंग को बहुत ज्यादा गीला न रखें।
- मोदक बनाते समय आटे को ढककर रखें, वरना वह सूख सकता है।
- भाप में पकाते समय मोदक को जरूरत से ज्यादा देर तक न पकाएं।
- तैयार मोदक को कुछ मिनट ठंडा होने के बाद ही स्टीमर से निकालें।
