Duleep Trophy 2026: 100वें फर्स्ट-क्लास मैच में शमी को मिला खास तोहफा, वैभव सूर्यवंशी ने भेंट की साइन की हुई जर्सी; बोले- ‘बेबी बॉस’ में गजब की सीखने की क्षमता
Duleep Trophy 2026: दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब ईस्ट जोन ने 13 साल बाद अपने नाम किया।
Duleep Trophy 2026: दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब ईस्ट जोन ने 13 साल बाद अपने नाम किया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ दिया। इस मुकाबले के साथ अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए भी एक खास उपलब्धि जुड़ गई। यह उनके करियर का 100वां फर्स्ट-क्लास मैच था। टीम की खिताबी जीत ने इस ऐतिहासिक मुकाबले को और यादगार बना दिया।
वैभव सूर्यवंशी ने शमी को दिया खास तोहफा
10 सितंबर को मुकाबला खत्म होने के बाद ईस्ट जोन के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मोहम्मद शमी को खास तोहफा दिया। वैभव ने शमी को एक जर्सी भेंट की, जिस पर ईस्ट जोन के खिलाड़ियों के हस्ताक्षर थे।
100वें फर्स्ट-क्लास मैच के मौके पर मिले इस सम्मान से शमी भावुक नजर आए। यह पल ईस्ट जोन के ड्रेसिंग रूम में भी खास रहा। बीसीसीआई डोमेस्टिक ने भी टीम के इस जश्न और शमी के सम्मान से जुड़े पल साझा किए।
शमी ने वैभव को बताया ‘बेबी बॉस’
मोहम्मद शमी ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव में चीजों को समझने और सीखने की शानदार क्षमता है।
शमी के मुताबिक वैभव के अंदर युवाओं वाली मासूमियत है। उन्हें मजाक करना पसंद है और वह नई चीजें काफी तेजी से सीखते हैं। शमी ने ईस्ट जोन के ड्रेसिंग रूम में वैभव के साथ बिताए समय को भी याद किया और कहा कि उन्होंने इस युवा खिलाड़ी की मौजूदगी का काफी आनंद लिया।
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कम उम्र में बड़े मंच का अनुभव फायदेमंद
शमी ने मौजूदा दौर के युवा क्रिकेटरों के बारे में भी बात की। उनका मानना है कि आज के खिलाड़ियों को कम उम्र में ही आईपीएल और अन्य बड़े टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिल रहा है।
इससे युवा खिलाड़ियों को दबाव और मैच की परिस्थितियों को समझने का अनुभव जल्दी मिल जाता है। शमी के मुताबिक ऐसे खिलाड़ियों को हर चीज शुरुआत से सिखाने के बजाय सही समय पर जरूरी सलाह देना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
100वें मैच में शमी ने लिए दो विकेट
दलीप ट्रॉफी फाइनल में मोहम्मद शमी ने गेंद से भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने साउथ जोन की पारी में दो विकेट हासिल किए। शमी ने रविचंद्रन स्मरण और शेख रशीद को आउट किया।
शमी के लिए 100वें फर्स्ट-क्लास मैच में टीम की जीत हासिल करना विशेष उपलब्धि रही। उन्होंने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने गर्मी और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पूरे अभियान में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।
13 साल बाद ईस्ट जोन ने जीती दलीप ट्रॉफी
ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहली पारी में 708 रन बनाए थे। कप्तान इशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने शतक लगाया। जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई।
इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बढ़त मिली। मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। यह टीम का लंबे इंतजार के बाद दलीप ट्रॉफी खिताब था।
शमी ने युवाओं को दिया मेहनत का संदेश
मोहम्मद शमी ने अपने करियर को लेकर भी अहम बात कही। उनका मानना है कि खिलाड़ी की मेहनत और रवैये में लगातार एकरूपता रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी टीम की जर्सी पहनता है तो उसके अंदर टीम के लिए योगदान देने और मुकाबला लड़ने की भूख होनी चाहिए। शमी के मुताबिक मैदान पर मिलने वाले हर अवसर को जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना जरूरी है।
