Delhi Internet Shutdown: दिल्ली में 24 घंटे बंद रहेगा मोबाइल इंटरनेट, सुप्रीम कोर्ट का मेट्रो पर निर्देश

  • रिपोर्ट: मंजय वर्मा

Internet shutdown in Delhi: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जनपथ–कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए निलंबित रहेंगी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 9 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक लागू रहेगा। गृह मंत्रालय ने इस अस्थायी निलंबन को मंजूरी दी है।

वहीं, प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए मेट्रो और अन्य रेल सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के बजाय नियंत्रित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही और सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

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Internet shutdown in Delhi: दिल्ली में कहां और कब बंद रहेगा मोबाइल इंटरनेट?

दिल्ली पुलिस के आदेश के मुताबिक, मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक जनपथ–कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में लागू होगी। प्रतिबंध की अवधि 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक निर्धारित की गई है। आदेश में मोबाइल इंटरनेट की सभी तकनीकों पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुपालन के लिए एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और एमटीएनएल सहित संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम, 2024 के तहत जारी किया गया है। प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों को निर्धारित अवधि के दौरान परेशानी हो सकती है। हालांकि, यह प्रतिबंध पूरे दिल्ली-एनसीआर पर लागू होने के बजाय आदेश में निर्धारित क्षेत्र तक सीमित है।

Internet shutdown in Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और रेल सेवाएं पूरी तरह बंद करने पर जताई चिंता

प्रदर्शन के मद्देनजर कुछ मेट्रो स्टेशनों से ट्रेनों और अन्य रेल सेवाओं को पूरी तरह रोकने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि सेवाओं का नियंत्रित संचालन जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आम यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थीं। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि अधिकारी प्रस्तावित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करेंगे।

Internet shutdown in Delhi: प्रतिबंधों पर आनुपातिकता के सिद्धांत को ध्यान में रखने की बात

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके समक्ष मुख्य सवाल यह है कि प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर कुछ मेट्रो स्टेशनों से ट्रेनों और अन्य रेल सेवाओं को पूरी तरह रोकना उचित और आनुपातिक कदम है या नहीं। पीठ ने स्पष्ट किया कि आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और सेवाओं को नियंत्रित तरीके से संचालित करने में अंतर है। अदालत के अनुसार, सुरक्षा संबंधी एहतियाती कदम उठाते समय आनुपातिकता के सिद्धांत को ध्यान में रखना जरूरी है। अदालत ने अधिकारियों को नियंत्रित संचालन से जुड़े फैसले का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश भी दिया, ताकि यात्रियों को समय रहते जानकारी मिल सके और वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बना सकें।

Internet shutdown in Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही की मांग को लेकर प्रस्तावित है प्रदर्शन

यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रस्तावित है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने की मांग उठा रही है।

प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठा रहा है। एक ओर निर्धारित क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश है, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के बजाय नियंत्रित संचालन पर जोर दिया है।

इस घटनाक्रम के बीच प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों और दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे इंटरनेट सेवाओं तथा मेट्रो संचालन से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें। इससे उन्हें संभावित असुविधा से बचने और अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

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