2026 में भारत–पाकिस्तान के बीच फिर भड़क सकता है संघर्ष? अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली।अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) की एक ताजा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। ‘कॉन्फ्लिक्ट्स टू वॉच इन 2026’ शीर्षक से जारी इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि वर्ष 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सशस्त्र संघर्ष की मध्यम संभावना बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, सीमा पार आतंकवादी गतिविधियां दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह हो सकती हैं।

CFR के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों द्वारा कोई बड़ा हमला किया जाता है, तो हालात तेजी से सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकते हैं। हालांकि इस संभावित संघर्ष का अमेरिकी वैश्विक हितों पर प्रभाव सीमित रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से यह बेहद चिंताजनक है।

मई 2025 की झड़पों की पृष्ठभूमि
रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों का संक्षिप्त युद्ध हो चुका है। इसकी शुरुआत अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई थी, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस टकराव में पहली बार ड्रोन और आधुनिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल देखा गया।

युद्ध के बाद बढ़ी सैन्य तैयारियां
हालांकि मई 2025 के बाद युद्धविराम लागू हो गया था, लेकिन दोनों देशों ने अपनी रक्षा तैयारियों को और मजबूत किया है। भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में करीब 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है। इन सौदों में अत्याधुनिक ड्रोन, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और सटीक गाइडेड बम शामिल हैं, जिससे भविष्य में किसी भी खतरे का प्रभावी जवाब दिया जा सके।

पाकिस्तान की रणनीतिक चिंताएं
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर साबित हुआ था। इसके बाद पाकिस्तान अपनी इस कमजोरी को दूर करने के लिए चीन और तुर्की से उन्नत ड्रोन और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर
खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, भले ही हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ हो, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। जानकारी के अनुसार, सर्दियों के मौसम में जम्मू क्षेत्र में करीब 30 पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय बताए जा रहे हैं, जो किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हो सकते हैं।

पाकिस्तान–अफगानिस्तान तनाव का भी जिक्र
CFR की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2026 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी सशस्त्र संघर्ष की मध्यम संभावना है। डूरंड लाइन पर बढ़ते चरमपंथी हमलों के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है, हालांकि इसका अंतरराष्ट्रीय प्रभाव सीमित रहने का अनुमान है।

कुल मिलाकर, CFR की यह रिपोर्ट संकेत देती है कि दक्षिण एशिया में शांति की स्थिति नाजुक बनी हुई है और आतंकवाद की एक छोटी सी चिंगारी भी आने वाले समय में बड़े संघर्ष का कारण बन सकती है।

 

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