जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का योगी सरकार पर हमला, अजय राय बोले- ‘शिक्षा के मंदिर को बनाया जा रहा निशाना’
-राम मंदिर चढ़ावा विवाद से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप, विश्वविद्यालय गिराने की कोशिश हुई तो आंदोलन की दी चेतावनी
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
शिक्षा के पवित्र मंदिर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने का योगी सरकार का तानाशाही आदेश बेहद निंदनीय है और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार की इस दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को बेनकाब किया।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में हुए बड़े चढ़ावा और जमीन घोटाले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा सरकार जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के तहत इस शिक्षण संस्थान को निशाना बना रही है। यह सरकार की बदनीयती को साफ दर्शाता है कि कैसे 15 तारीख को सुबह सुनवाई होती है और मात्र कुछ ही घंटों के भीतर शाम तक 17 पन्नों का विध्वंस आदेश आनन-फानन में पारित कर दिया जाता है।
अजय राय ने यह भी बताया कि जब 2005 में यह यूनिवर्सिटी बनी थी, तब वह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में आता ही नहीं था और जिसे 2024 में शामिल किया गया, उसके 20 साल पुराने भवनों का नक्शा पास न होने का बहाना बनाना सरासर नाइंसाफी है। अगर सरकार को किसी व्यक्ति विशेष से राजनीतिक चिढ़ है, तो वह बच्चों का भविष्य बर्बाद करने के बजाय कानूनन इस यूनिवर्सिटी का अधिग्रहण कर खुद इसका संचालन करे, क्योंकि यहां 75 प्रतिशत हिंदू छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं और सैकड़ों शिक्षकों की आजीविका इससे जुड़ी है।
कांग्रेस पार्टी चेतावनी देती है कि असली ‘चढ़ावा चोरों’ को जेल भेजने के बजाय अगर शिक्षा के इस मंदिर को गिराने की कोशिश की गई, तो सड़कों पर उतरकर इस दमनात्मक कार्रवाई का पुरज़ोर विरोध किया जाएगा।
इस प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक संजय कपूर, पूर्व विधायक इंदल रावत, पूर्व एमएलसी ओमप्रकाश त्रिपाठी, चेयरपर्सन-उ.प्र. कांग्रेस मीडिया विभाग सी.पी. राय, मीडिया प्रवक्ता उमाशंकर, प्रवक्ता अंशु अवस्थी, प्रवक्ता सचिन रावत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अलीमुल्लाह, अरशद आज़मी, अरशद खुर्शीद, मोहम्मद शमीम समेत अन्य वरिष्ठ कांग्रेस जन उपस्थित रहे।
- जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर अर्सलान खान की अपील, बोले- ‘राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बन रहा शिक्षण संस्थान’
रामपुर। भारतीय युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता अर्सलान खान ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई पर चिंता जताते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम बताया है।
अर्सलान खान ने जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय की 36 इमारतों को ध्वस्त किए जाने के आदेश पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री से इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के एक महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थान को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के केंद्रों का संरक्षण और संवर्धन किसी भी समाज और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे संस्थानों को नुकसान पहुंचाने के बजाय उनके विकास और संरक्षण की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
अर्सलान खान ने आग्रह किया कि सरकार इस मामले में पुनर्विचार करे और ऐसा समाधान निकाले जिससे विश्वविद्यालय, छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के हित सुरक्षित रह सकें।
नोट: जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर व्यक्त किए गए विचार भारतीय युवक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्सलान खान का बयान हैं। मामले में प्रशासन और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।
- रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र की विधायक नसीम सोलंकी एवं पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन कानपुर जिलाधिकारी को सौपा।
ज्ञापन में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के संबंध में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए अनुरोध किया गया कि इस प्रकार की किसी भी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा पूरे मामले का समाधान संविधान, कानून और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संस्थान है। किसी भी कार्रवाई से पहले विद्यार्थियों के हितों और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से माननीय राज्यपाल से मांग की गई कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिक्षा के वातावरण को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई से बचा जाए।

प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से विधायक नसीम सोलंकी, पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी, वरिष्ठ नेता सरताज अनवर, छात्रसभा के प्रमुख महासचिव सिराज हुसैन विधानसभा अध्यक्ष वरुण जायसवाल, पार्षद इशरत अली, छात्रसभा के प्रदेश सचिव अल्तमस सिद्दीक़ी, मुस्तफा फरुकी, मोबिन अहमद, साबिर खान, हाजी दिलशाद , हमज़ा फरुकी आदि.
