- रिपोर्ट – मनोज कुमार यादव
एटा सीमा और सुरक्षा के मोर्चे पर तैनात जवान जब अपनी जान हथेली पर रखकर देश की रक्षा करते हैं, तो उनके पीछे खड़ा होता है एक मजबूत संगठनात्मक ढांचा, जो उनके मनोबल और परिवार की चिंता का भार उठाता है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने इसी दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। 1 सितम्बर से शुरू हुआ “ऑनलाइन वेलफेयर पोर्टल” सिर्फ एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि 1.6 लाख से अधिक बल सदस्यों और उनके परिजनों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करने वाला क्रांतिकारी प्रयास है।
यह पहल साबित करती है कि अब सुरक्षा बल केवल हथियार और रणनीति तक सीमित नहीं, बल्कि जवानों की खुशहाली, स्वास्थ्य, शिक्षा और पारिवारिक आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पोर्टल के माध्यम से वेलफेयर योजनाओं की पारदर्शी निगरानी, आवेदन की त्वरित प्रक्रिया और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी। लंबी कागजी प्रक्रियाओं की जकड़न से मुक्ति और डिजिटलीकरण का यह मेल जवानों के चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक लाएगा।
सीआईएसएफ ने समय-समय पर अपने बल सदस्यों के लिए आवास, शिक्षा सहायता, चिकित्सीय सुविधाएं और पुनर्वास योजनाएं लागू की हैं। लेकिन इस बार जो पहल की गई है, वह नए भारत के डिजिटल संकल्प से भी जुड़ी हुई है। जवान अब देश के किसी भी हिस्से में हों, मोबाइल या कंप्यूटर से पोर्टल पर जाकर तुरंत अपनी समस्या दर्ज कर सकते हैं और समाधान पा सकते हैं।
इस पहल की सबसे बड़ी खूबी है जवानों को ‘सिस्टम पर भरोसा’ दिलाना। पहले जहां किसी योजना का लाभ पाने में महीनों लग जाते थे, वहीं अब पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के कारण उन्हें महसूस होगा कि संगठन सचमुच उनके साथ खड़ा है। यही विश्वास उन्हें और भी जोश से कर्तव्य निर्वहन के लिए प्रेरित करेगा।
आज जब देश की सुरक्षा चुनौतियां बहुआयामी हो चुकी हैं—साइबर खतरे, औद्योगिक सुरक्षा, हवाई अड्डों की निगरानी और समुद्री बंदरगाहों पर मुस्तैदी—ऐसे समय में जवानों की मानसिक शांति और पारिवारिक सुख-सुविधा भी उतनी ही जरूरी है। “ऑनलाइन वेलफेयर पोर्टल” उसी दिशा में एक सशक्त कदम है, जो बताता है कि सीआईएसएफ न केवल देश की औद्योगिक धमनियों की सुरक्षा करता है, बल्कि अपने हर सदस्य के जीवन को भी गरिमा और सम्मान से भरना चाहता है।
थर्मल पॉवर प्लांट एटा में तैनात डिप्टी कमांडेंट जसवीर सिंह ने बताया कि सीआईएसएफ की यह डिजिटल पहल वास्तव में एक नया कल्याणकारी अध्याय है जहां तकनीक और संवेदना का संगम दिखता है। आने वाले समय में यह अन्य सुरक्षा बलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।
