किसान, मजदूर और कमेरों के मसीहा थे चौ देवीलाल: अभय सिंह चौटाला

ऐलनाबाद , अप्रैल( एम पी भार्गव ): स्वर्गीय जननायक चौधरी देवीलाल की 25वीं पुण्यतिथि सोमवार को हरियाणा समेत पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश भर में सर्वधर्म प्रार्थना सभाएं एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन कर पूर्व उपप्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित स्वर्गीय चौधरी देवीलाल की समाधि संघर्ष स्थल पर आयोजित किया गया। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला, राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा, इनेलो के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरि सिंह राणा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला, संगठन सचिव उमेद लोहान, प्रदेश प्रधान महासचिव प्रताप सिंह, प्रदेश संगठन सचिव विधायक अदित्य देवीलाल, युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी कर्ण चौटाला, विधायक अर्जुन चौटाला और प्रदेश सचिव प्रदीप गिल समेत पूरे देश और प्रदेश से आए इनेलो नेता, कार्यकर्ता एवं गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इससे पहले अभय सिंह चौटाला ने संसद भवन स्थित चौ. देवीलाल की मूर्ति पर भी जाकर पुष्पांजलि अर्पित की।
चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय पर राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, नीति एवं कार्यक्रम समिति के चेयरमैन पूर्व डीजीपी एमएस मलिक, प्रदेश प्रवक्ता डा. सतबीर सैनी और पार्टी सचिव नछत्तर सिंह मलहान ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर स्वर्गीय ताऊ देवीलाल को श्रद्धांजलि दी।
संघर्ष स्थल पर अपने संबोधन में चौ. अभय सिंह चौटाला ने कहा कि स्वर्गीय चौ. देवीलाल ने सदैव किसान, मजदूर और कमेरों के हकों के लिए आवाज बुलंद की और प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते उन्होंने छतीस बिरादरी और खासकर शोषित वर्ग के लोगों के उत्थान वाली नीतियां बनाई। चौ. देवीलाल ने बुजुर्गों के सम्मान के लिए 100 रुपए मासिक पेंशन की, कर्ज में डूबे किसानों के कर्जे माफ किए, किसानों के ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन से हटा कर गड्डा घोषित किया, अनुसूचित वर्ग के लोगों के लिए चौपालों का निर्माण तथा उनकी महिलाओं के लिए जच्चा-बच्चा भत्ता जैसी लोक भलाई योजनाओं को लागू किया। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जननायक स्वर्गीय देवीलाल की नीतियों का अनुसरण करना ही इनेलो पार्टी का सर्वप्रथम उद्देश्य है। सर्व समाज के लोगों का उत्थान सिर्फ जननायक ताऊ देवीलाल के पदचिन्हों पर चल कर ही किया जा सकता है और उनकी बताई नीतियों पर चलकर ही हरियाणा प्रदेश में लोकराज की पुनर्स्थापना की जा सकती है।

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