Chandrashekhar Azad: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि एक फार्म हाउस में उन्हें जान से मारने की योजना बनाई गई और इस संबंध में उनके पास पुख्ता जानकारी और सूत्र हैं। चंद्रशेखर आजाद ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
चंद्रशेखर आजाद ने एक वीडियो जारी कर यह दावा किया। उन्होंने कहा कि वह यह बात जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं और उनके पास जो सूचनाएं हैं, वे गलत नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित साजिश में कौन लोग शामिल हैं। इसलिए फिलहाल यह मामला उनके द्वारा लगाए गए आरोप के स्तर पर है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
बाराबंकी की घटना के बाद लगाया आरोप
चंद्रशेखर आजाद का यह बयान हाल में बाराबंकी में उनके काफिले को रोके जाने की घटना के बाद सामने आया है। वह गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके परिवार से मिलने जा रहे थे। रास्ते में बाराबंकी के शाहबपुर टोल प्लाजा पर पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया था। इस दौरान सांसद और पुलिस के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी थी।
चंद्रशेखर आजाद ने इस घटनाक्रम पर पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी हत्या की कथित साजिश का मुद्दा उठाया और पूरे मामले की जांच की मांग की।
क्या कहा चंद्रशेखर आजाद ने?
चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में कहा कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या का षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास इस संबंध में जानकारी और स्रोत मौजूद हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि कथित हत्या की साजिश और बाराबंकी की घटना, दोनों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
आजाद समाज पार्टी की ओर से भी उनके बयान को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। इस पोस्ट में बाराबंकी की घटना की जांच और कथित साजिश की जांच की मांग की गई।
बाराबंकी में क्या हुआ था?
रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ गोंडा जा रहे थे। उनका उद्देश्य वहां कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मुलाकात करना था। इसी दौरान बाराबंकी के टोल प्लाजा पर पुलिस ने उनके काफिले को रोक दिया। इस कार्रवाई को लेकर चंद्रशेखर आजाद और पुलिस के बीच विवाद हुआ।
चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस की ओर से उन्हें रोके जाने को सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा बताया गया। इस घटनाक्रम के बाद उनके समर्थकों में भी नाराजगी देखने को मिली और मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया।
विनोद साहनी हत्याकांड से जुड़ा है मामला
चंद्रशेखर आजाद गोंडा में विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे। विनोद साहनी की हत्या के बाद आजाद ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग उठाई थी। इसी सिलसिले में वह पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए गोंडा जा रहे थे।
चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले को लेकर भी जांच की मांग की है। उनके हालिया बयान में बाराबंकी की घटना और अपनी सुरक्षा को लेकर लगाए गए आरोपों का जिक्र किया गया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
चंद्रशेखर आजाद द्वारा फार्म हाउस में हत्या की साजिश का दावा किए जाने के बाद अब इस मामले में जांच की मांग उठी है। फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि या कथित साजिश में शामिल लोगों के नाम सामने नहीं आए हैं।
ऐसे में इस पूरे मामले में जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। यदि कोई आधिकारिक जांच शुरू होती है तो उसके आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चंद्रशेखर आजाद द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्य हैं और कथित साजिश से जुड़े दावों की वास्तविक स्थिति क्या है।
फिलहाल चंद्रशेखर आजाद ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है और सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं, बाराबंकी में उनके काफिले को रोके जाने की घटना भी इस पूरे विवाद का अहम हिस्सा बनी हुई है।
