ऐलनाबाद ,20 जून(एम पी भार्गव): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति का वह अमूल्य उपहार है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए दिया है। हजारों वर्ष पूर्व प्रारंभ हुई योग की यात्रा आज वैश्विक स्वरूप धारण कर चुकी है। योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि शरीर, मन, आत्मा और समाज को जोडऩे वाली एक संपूर्ण जीवन पद्धति है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को सिरसा के ग्राम बाबा भूमणशाह (संगर सरिस्ता) में स्थित मुख्य धाम बाबा भूमणशाह में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित योग अभ्यास कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा ब्रह्मदास महाराज तथा कुरुक्षेत्र से महंत महेश मुनि महाराज को शॉल भेंट किया। उन्होंने कहा कि इस पावन धरा पर स्थित आध्यात्मिक चेतना के केंद्र डेरा बाबा भूमणशाह के आश्रम में आकर उन्हें असीम शांति और ऊर्जा की अनुभूति हुई है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों में योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। उनके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। उस समय 177 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था और आज विश्व का लगभग हर देश योग से जुड़ चुका है।

उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर से लेकर पेरिस के एफिल टावर तथा टोक्यो से टोरंटो तक योग के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक विरासत को सम्मान मिल रहा है। यह भारत की वह शक्ति है, जो तलवार से नहीं बल्कि तपस्या और संस्कृति के बल पर स्थापित हुई है प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योगासन को खेल का दर्जा मिला।
12 वर्षों में विकास और योग के माध्यम से बड़ी भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद सयोग है कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं. इन वर्षों में भारत ने आधारभूत संरचना,तकनीकी और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है, वही योग के माध्यम से पूरी दुनिया को मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य का मार्ग भी दिखाया है,उन्होंने कहा कि विकास के यह 12 वर्ष और योग के वैश्विक प्रसार की है यात्रा नए भारत की बढ़ती ताकत और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है।

बाबा भूमणशाह के उपदेश समाज को दे रहे नई दिशा मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा भूमणशाह महाराज को महान समाज सुधारक एवं लोक कल्याणकारी संत बताते हुए कहा कि उन्होंने भूखे को अन्न,भटके को राह और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान देने का संदेश दिया. बाबा जी ने मानवता प्रेम,सदाचार, सेवा और अच्छे आचरण को जीवन का आधार बनाया उनके उपदेशों में नशे के विरुद्ध लगातार चेतना का संदेश मिलता है. उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन ईश्वर की अमूल्य देन है जिसे नशे जैसी बुराइयों में व्यर्थ नहीं करना चाहिए, उन्होंने कहा कि डेरा बाबा भूमणशाह कंबोज समाज की आस्था, सेवा भावना और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, कंबोज समुदाय का इतिहास वीरता, देशभक्ति,पुरुषार्थ और कठोर परिश्रम से परिपूर्ण रहा है।
देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु आज भी बाबा भूमणशाह जी के दिखाएं सत्य एवं सेवा के मार्ग पर चल रहे हैं, उन्होंने कहा कि इस आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने में ग़द्दीनशीन बाबा ब्रह्मदास महाराज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस अवसर पर पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल,भाजपा जिला अध्यक्ष सिरसा यतींद्र सिंह एडवोकेट, भाजपा जिला अध्यक्ष डबवाली,रेनू शर्मा, जिला प्रभारी वेद फुल्ला, चेयरमैन रोहतास जांगड़ा, चेयरमैन ओम प्रकाश,चेयरमैन देव कुमार शर्मा, नगर परिषद के अध्यक्ष शांति स्वरूप,पार्षद सुमन शर्मा,अमन चोपड़ा सहित अनेक गणमान्य.जन् उपस्थित थे।
