बदायूं: मेडिकल कॉलेज में लापरवाही पर भड़की BKU (टिकैत), मंडल प्रवक्ता की अगुवाई में हुआ हंगामा—कड़ी कार्रवाई का आश्वासन
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं में सोमवार को किए गए प्रदर्शन का असर आज देखने को मिला। मंगलवार को मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना के नेतृत्व में दर्जनभर से अधिक पदाधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार एवं सीएमएस से वार्ता की।
सिरसौली निवासी ई-रिक्शा चालक धर्मवीर के इलाज में लापरवाही का आरोप
मामला सोमवार का है जब धर्मवीर, निवासी सिरसौली, रोड एक्सीडेंट में घायल हो गया था। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी विभाग में मौजूद डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही और असंवेदनशील व्यवहार किया।
इसी घटना को लेकर BKU सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एक घंटे तक चली वार्ता, कार्रवाई का मिला भरोसा
वार्ता के दौरान मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने कहा—
“डॉक्टरों ने संवेदनहीनता की हद पार की है। गरीबों को इलाज नहीं मिलेगा तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे। राजकीय मेडिकल कॉलेज जनता का है, यहां सुविधाएँ दुरुस्त हों।”
प्रधानाचार्य ने आश्वस्त करते हुए कहा—
“लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इलाज में कोई कोताही नहीं होने दी जाएगी। कल मैं मौजूद नहीं था, भविष्य में ऐसी घटना नहीं होगी।”
अव्यवस्थाओं पर भी उठी आवाज
Kisan Union पदाधिकारियों ने अस्पताल में—
चूहों की समस्या
टूटी हुई सीलिंग
मरीजों के लिए सुविधाओं की कमी
जैसे मुद्दों को भी उठाया।
उन्होंने कहा कि कॉलेज समय-समय पर मॉनिटर किया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी
मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने स्पष्ट कहा—
“अगर व्यवस्थाएँ नहीं सुधरीं तो BKU बड़ा आंदोलन करेगी।”
उपस्थित पदाधिकारी
पप्पू सैफी (ब्लॉक अध्यक्ष सलारपुर),
बृजपाल प्रजापति (उपाध्यक्ष),
सुरेश दीवान (नगर अध्यक्ष बिनावर),
साबिर हुसैन, मुंशीलाल कुशवाहा,
पुष्पेंद्र कुशवाहा, गंगा सिंह कुशवाहा,
विश्राम सिंह, गफूर कुशवाहा, रामचरण सागर
आदि मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद भले ही स्थिति शांत हो गई हो, लेकिन अब BKU की नजर सीधे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर है।
