BP Medicines Heart Attack: BP की दवा बंद करना पड़ सकता है भारी, बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा

BP Medicines Heart Attack: BP कंट्रोल होने पर भी दवा अपने मन से बंद करना क्यों पड़ सकता है भारी?

BP Medicines Heart Attack:हाई ब्लड प्रेशर यानी Hypertension आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। कई लोगों को लंबे समय तक ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने के लिए नियमित रूप से दवाएं लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन जब कुछ समय तक BP सामान्य रहने लगता है, तो कई लोग यह मान लेते हैं कि बीमारी ठीक हो गई है और वे अपनी दवा बंद कर देते हैं। यही गलती आगे चलकर गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है।

ब्लड प्रेशर सामान्य आने का एक कारण यह भी हो सकता है कि दवा नियमित रूप से अपना काम कर रही है। इसलिए केवल कुछ सामान्य BP रीडिंग देखकर दवा बंद करना सही तरीका नहीं माना जाता। भारत सरकार के National Centre for Disease Control की Hypertension संबंधी जानकारी में भी कहा गया है कि BP कंट्रोल होने के बाद दवा अपने आप बंद नहीं करनी चाहिए और इसके लिए इलाज कर रहे डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय तक रहने पर दिल और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, Hypertension हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

BP Medicines Heart Attack: दवा बंद करने के बाद फिर बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर

  • ब्लड प्रेशर की दवा का उद्देश्य सिर्फ उस दिन की BP रीडिंग को कम करना नहीं होता। डॉक्टर मरीज की उम्र, BP का स्तर, अन्य बीमारियां, हृदय और किडनी की स्थिति तथा भविष्य में होने वाली जटिलताओं के जोखिम को ध्यान में रखकर उपचार तय करते हैं।
  • जब कोई व्यक्ति नियमित दवा लेता है तो उसका BP नियंत्रित सीमा में रह सकता है। ऐसे में यदि वह अचानक दवा लेना बंद कर देता है, तो कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर दोबारा बढ़ सकता है। NCDC के अनुसार, उपचार को चिकित्सकीय सलाह के बिना बंद करने पर हाई ब्लड प्रेशर आमतौर पर फिर से बढ़ सकता है।
  • यही वजह है कि अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि अब उसकी दवा की जरूरत नहीं है, तो उसे पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर दवा की खुराक में बदलाव कर सकते हैं, दवा बदल सकते हैं या मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार जारी रखने की सलाह दे सकते हैं।
  • क्या BP की दवा बंद करने से सीधे हार्ट अटैक होता है?
  • इस सवाल को समझना जरूरी है। हर व्यक्ति में दवा बंद करने के तुरंत बाद हार्ट अटैक होगा, ऐसा कहना सही नहीं है। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना BP की दवा बंद करने से ब्लड प्रेशर दोबारा अनियंत्रित हो सकता है, और लंबे समय तक अनियंत्रित BP हृदय तथा रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर रक्त वाहिकाओं और हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। समय के साथ इससे धमनियों को नुकसान और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
  • American Stroke Association के अनुसार, लंबे समय तक अनियंत्रित हाई BP रक्त वाहिकाओं की दीवारों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे धमनियों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया बढ़ सकती है और रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। यदि हृदय तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह बाधित होता है, तो हार्ट अटैक हो सकता है।
  • इसलिए मुख्य चिंता केवल दवा बंद करने की नहीं, बल्कि उसके बाद Blood Pressure के दोबारा बढ़ने और लंबे समय तक अनियंत्रित रहने की होती है।

यह भी पढ़ें-  Pakistan Space Programme: चीन की मदद से अंतरिक्ष में जाएगा पाकिस्तान, दो पायलटों में से एक बनेगा पहला Astronaut

BP Medicines Heart Attack: BP की दवा कब कम या बंद की जा सकती है?

कुछ लोगों के लिए समय के साथ दवा की मात्रा में बदलाव संभव हो सकता है। उदाहरण के लिए, जीवनशैली में सुधार, वजन से जुड़े बदलाव, खान-पान में सुधार और नियमित शारीरिक गतिविधि के बाद डॉक्टर मरीज की स्थिति का दोबारा मूल्यांकन कर सकते हैं। लेकिन इसका फैसला व्यक्ति को खुद नहीं करना चाहिए।

BP की दवा कम करने या बंद करने का निर्णय डॉक्टर मरीज की लगातार BP रीडिंग, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य जोखिमों को देखकर करते हैं। कई बार BP सामान्य दिखाई देने के बावजूद दवा की जरूरत बनी रह सकती है।

NCDC की सलाह भी यही है कि BP नियंत्रित होने के बाद मरीज को अपनी दवा खुद से बंद नहीं करनी चाहिए। उपचार में किसी भी तरह का बदलाव चिकित्सकीय सलाह के बाद ही होना चाहिए।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर हाई BP मरीज को जीवनभर एक ही दवा या एक ही खुराक लेनी होगी। जरूरत के अनुसार डॉक्टर उपचार में बदलाव कर सकते हैं।

BP Medicines Heart Attack: सिर्फ दवा ही नहीं, Lifestyle भी है महत्वपूर्ण

हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में दवा के साथ स्वस्थ जीवनशैली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। WHO के अनुसार, BP को नियंत्रित रखने के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन और जीवनशैली में जरूरी बदलाव महत्वपूर्ण हैं।

खाने में अत्यधिक नमक का सेवन कम करना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, धूम्रपान से बचना और संतुलित आहार अपनाना BP नियंत्रण में मदद कर सकता है। भारत सरकार की NCDC जानकारी में भी नमक, फैट और शुगर की मात्रा कम करने तथा नियमित एरोबिक एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद जैसी आदतों पर जोर दिया गया है।

हालांकि Lifestyle में बदलाव शुरू करने का मतलब यह नहीं है कि BP की दवा अपने आप बंद कर दी जाए। दोनों चीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही मैनेज करना चाहिए।

BP Medicines Heart Attack: किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

हाई BP को अक्सर “Silent” समस्या कहा जाता है क्योंकि कई लोगों में लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए केवल यह महसूस होना कि शरीर ठीक है, BP सामान्य होने की गारंटी नहीं है।

दूसरी ओर, हार्ट अटैक के कुछ चेतावनी संकेतों को गंभीरता से लेना जरूरी है। American Stroke Association के अनुसार, सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े में असहजता, मतली या चक्कर जैसे लक्षण हार्ट अटैक से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

BP Medicines Heart Attack: BP की दवा लेने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा को अपनी मर्जी से बंद या कम नहीं करना चाहिए। अगर दवा लेने के बाद BP बहुत कम रहता है, चक्कर आते हैं, कमजोरी महसूस होती है या कोई दूसरा साइड इफेक्ट लगता है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

इसी तरह अगर कई दिनों तक BP सामान्य आ रहा है, तब भी दवा बंद करने का निर्णय खुद नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार BP मॉनिटरिंग और उपचार की समीक्षा कर सकते हैं।

BP का सामान्य होना अच्छी बात है, लेकिन यह हमेशा इस बात का संकेत नहीं होता कि दवा की जरूरत खत्म हो गई है। कई मामलों में सामान्य BP दवा और Lifestyle Management के कारण ही बना रहता है। इसलिए दवा बंद करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी व्यक्ति की दवा, खुराक या उपचार में बदलाव डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं किया जाना चाहिए।

About The Author

1 Comment
  1. […] यह भी पढ़ें- BP Medicines Heart Attack: BP की दवा बंद करना पड़ सकता है … […]

Leave A Reply

Your email address will not be published.