रामपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने 23 माह बाद सीतापुर जेल से निकलने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी। रिहाई के बाद बुधवार को मीडिया से बातचीत में आजम खान ने कहा कि जेल का जीवन बेहद कठिन था और इस दौरान उनका पूरा जीवन बदल गया है।
आजम खान ने कहा कि जेल में पांच साल बिताने से वह मोबाइल तक चलाना भूल गए। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा– “मैं तो अपनी बीवी का भी फोन नंबर भूल गया हूं।”
अखिलेश यादव पर बोले आजम खान
आजम खान ने अखिलेश यादव को लेकर कहा– “अखिलेश उतने ही करीब हैं, जितने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) थे। बड़ी पार्टी का नेतृत्व करना आसान नहीं है, लेकिन अखिलेश उसे बखूबी निभा रहे हैं। मैं उनका शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मेरे बारे में बात की।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जेल से किसी से फोन पर बात करने की इजाजत नहीं थी, इसलिए बाहर की दुनिया से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया था।
राजनीतिक अटकलों पर जवाब
बहुजन समाज पार्टी में शामिल होने की अटकलों पर आजम खान ने साफ कहा–“मैं चरित्र वाला आदमी हूं। ऐसी किसी बात के बारे में सोचना भी मुमकिन नहीं।”
एचटी हसन के टिकट प्रकरण पर उन्होंने कहा कि जब वह अपने आदमी को टिकट नहीं दिला पाए तो किसी और का टिकट कटवाना उनके बस की बात नहीं थी। इससे उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी निष्ठा अब भी समाजवादी पार्टी के साथ है।
मुकदमों पर विश्वास जताया
अपने ऊपर दर्ज मुकदमों पर आजम खान ने कहा–“मुझे किसी केस के रद्द होने की जरूरत नहीं है। अगर मुकदमों में दम होता, तो मैं आज बाहर नहीं होता। सुप्रीम कोर्ट से मुझे जरूर इंसाफ मिलेगा। एक दिन मैं बेदाग हो जाऊंगा।”
धर्म और विवाद पर प्रतिक्रिया
“I Love Muhammad” विवाद पर आजम खान ने कहा कि वह मोहम्मद के पैरोकार हैं और धर्म के मामले में हमेशा साफ विचार रखते हैं।
कुल मिलाकर, आजम खान की रिहाई के बाद दिए गए बयान ने साफ कर दिया है कि वह अब भी समाजवादी पार्टी के साथ खड़े हैं और अदालत पर पूरा भरोसा जता रहे हैं।
