Illegal arms smuggling gang busted in Amritsar: अमृतसर पुलिस की बड़ी सफलता: अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
विदेशी तस्करों और असामाजिक तत्वों से जुड़े थे आरोपियों के तार, अवैध हथियारों के बड़े रैकेट का खुलासा
Illegal arms smuggling gang busted in Amritsar: अमृतसर पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसते हुए एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस कमिश्नर ने एक विशेष प्रेस वार्ता में इस सफलता की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से कुल 15 अवैध पिस्तौल, 15 जिंदा कारतूस और 2 कारें बरामद की गई हैं।
पूछताछ में परत-दर-परत खुले राज
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस पूरे अभियान को चरणबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सतनाम सिंह उर्फ सुखा और भल्ला सिंह नाम के दो आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके पास से 5 पिस्तौल बरामद की थीं।

जब इनसे कड़ाई से पूछताछ और गहन जांच (इंटरोगेशन) की गई, तो मिली जानकारी के आधार पर आगे की छापेमारी में गौतम सिंह उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया गया, जिससे 7 अन्य हथियार बरामद हुए। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अभि उर्फ बाबा को भी गिरफ्तार किया, जिसके पास से 3 और पिस्तौल बरामद की गईं।
विदेशी नेटवर्क और हथियारों की खेप
बरामद किए गए 15 पिस्तौलों में अधिकतर .30 बोर के हैं, जिनमें से एक विशेष रूप से स्ट्रॉम कंपनी का ‘PX5’ मॉडल पिस्तौल भी शामिल है। यह पूरी बरामदगी इस्लामाबाद और छावनी (केंटोनमेंट) थाना क्षेत्रों में चलाए गए अभियानों के दौरान हुई है। जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी विदेश में बैठे तस्करों और असामाजिक तत्वों के सीधे संपर्क में थे। ये आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से उनके संपर्क में आए और लालच में आकर गैर-कानूनी हथियारों की खेप मंगवाते थे। इसके बाद इन हथियारों को वारदातें अंजाम देने वाले अपराधियों को सप्लाई किया जाता था।
अपराधिक पृष्ठभूमि और संपत्तियों की पड़ताल
गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में से 4 आरोपियों का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है और उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामले चल रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक 17 वर्षीय नाबालिग (जूवेनाइल) भी शामिल है, जिसका फिलहाल कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों में से कुछ लोग दिहाड़ी-मजदूरी और लेबर का काम करते थे, जबकि कुछ बेरोजगार थे। हथियारों की अवैध बिक्री से मिलने वाले पैसों से आरोपियों ने कुछ जायदादें (संपत्तियां) भी बनाई थीं, जिनकी पुलिस द्वारा बारीकी से छानबीन की जा रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि इन आरोपियों का देहाती क्षेत्र में हुई हालिया वारदात से कोई संबंध नहीं है, लेकिन इनका संपर्क अन्य शातिर अपराधियों से जरूर स्थापित हुआ है। पंजाब भर के सभी थाना प्रभारियों (SHOs) को आरोपियों के रिकॉर्ड की जानकारी भेज दी गई है ताकि उनके अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके। जिन असामाजिक तत्वों को ये हथियार पहुंचाए जाने थे, पुलिस ने उन्हें भी चिन्हित कर लिया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
